योग के महत्त्व पर संगोष्ठी आयोजित

योग के महत्त्व पर संगोष्ठी आयोजित

दरभंगा : एमएलएसएम कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. विद्यानंद झा ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि योग हमारी संस्कृति की देन है, जो मानव को स्वस्थ्य तनमन प्रदान करता है। दिग्घी पश्चिम स्थित विद्यापति भवन में एपेक्स फाउंडेशन और भारत विकास परिषद् के तत्वावधान में योग के महत्त्व पर संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रो. बी.बी एल दास ने कहा कि योग हमारे अंदर चेतना जागृत करता है और अब तो पूरा विश्व योग के महत्त्व को स्वीकार रहा है। उन्होंने कहा कि योग शरीर के पांच तत्वों में संतुलन बनाता है, जिससे शरीर संतुलित रहता है। योग विशेषज्ञ अनिल कुमार ने योग के 8 अंगों यम, नियम, आसन, प्राणायाम आदि के पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ्य व्यक्ति अगर वे योग करते हैं सदा निरोग रहेंगे। योग आत्मा को पराम्ता से जोरता है। डॉ. भक्तिनाथ झा ने कहा कि योग भारतीय संस्कृत की अध्भूत खोज है। इस अवसर पर डॉ. आर.एन चौरसिया ने अपने संबोधन में कहा कि योग एक सर्वोत्तम जीवन पद्धति है। जो हमारी शुसुक्त अंत: शक्ति को जगाकर हमें ऊर्जाबान बनाता है। अध्यक्षीय संबोधन में परिषद् के अध्यक्ष प्रो. रमानंद यादव ने कहा कि योग प्राकृतिक जीवन एवं प्राचीन चिकित्सा पद्धति है, जो सभी के लिए सरल व सस्ता उपयोगी है। इस अवसर पर दिलीप महासेठ, चंद्रमोहन झा, तरूण मिश्र, छोटे कुमार चौधरी ने भी आचार्य व्यक्त किये। स्वागत डॉ. के.के चौधरी, और संचालन पुरूषोत्तम झा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन आनंद भूषण ने किया। भाषण प्रतियोगिता में प्रेरणा नारायण-प्रथम, मनीषा कुमारी-द्वितीय और मीनाक्षी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। स्वागतगान माला प्रसाद और मैथिली कुमारी ने किया।

सन्मार्ग लाइव: 22 June, 2019
Close Menu