एनीमिया मुक्त भारत विषय पर विचार गोष्ठी

एनीमिया मुक्त भारत विषय पर विचार गोष्ठी

देहरादून: महिलाओं का प्रमुख रोग एनीमिया पर आधारित एनीमिया मुक्त भारत विषय पर विचार गोष्ठी तथा सैनिटरी पैड व आयुष रक्षा किट वितरण शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर का उद्घाटन मुख्य अतिथि व भारत विकास परिषद् की क्षेत्रीय सचिव श्रीमती सविता कपूर, संगठन मंत्री डॉ० मुकेश गोयल, द्रोण शाखा अध्यक्ष अरूणा चावला, सचिव अनिल वर्मा, सह सचिव सुभाषिनी डिमरी तथा कार्यकारिणी सदस्य सुनीता नौटियाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित करके हुआ।

मुख्य अतिथि व भारत विकास परिषद् की क्षेत्रीय सचिव सविता कपूर ने कहा कि स्वस्थ महिलाएं स्वस्थ राष्ट्र की आधारशिला हैं। स्वस्थ परिवार के निर्माण के लिए एनीमिया के कारण व निदान की जानकारी होना महिलाओं की प्रमुख आवश्यकता है ताकि एनीमिया मुक्त भारत बनाया जा सके। इसमें पुरूषों की सहभागिता व सहयोग भी बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए भारत विकास परिषद् “द्रोण” द्वारा इस जागरूकता शिविर का आयोजन किया जाना सराहनीय पहल है।

तत्पश्चात द्रोण शाखा की अध्यक्ष अरूणा चावला ने स्वागत संबोधन करते हुए कहा कि मनुष्य का स्वास्थ्य उसकी सबसे बड़ी पूंजी है परन्तु खान-पान , वातावरण या आनुवांशिकता के कारण बीमार होने पर मनुष्य का जीवन दूभर हो जाता है। ऐसी ही एक समस्या “एनीमिया” है,जिसपर विचार विमर्श करते हुए हमें एनीमिया मुक्त भारत बनाने का प्रयास करना है

अब तक कुल 137 बार रक्तदान कर चुके व डॉ० कार्ल लैंडस्टीनर अवॉर्डी तथा द्रोण शाखा सचिव अनिल वर्मा ने बतौर मुख्य वक्ता बताया कि एनीमिया यूं तो पुरूषों या महिलाओं में किसी को भी हो सकता है परन्तु यह मुख्य रूप से महिलाओं का रोग है। भारत में प्रतिवर्ष लगभग एक करोड़ नये लोग एनीमिया से ग्रस्त होने वाले मरीजों में जुड़ जाते हैं।

भारत में पांच वर्ष से कम आयु के 70 % बच्चे तथा 50 % किशोरियां व युवा महिलाएं एनीमिया यानी रक्ताल्पता अर्थात रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा में कमी से ग्रस्त हैं। लगभग 40 % महिलाओं की गर्भावस्था व प्रसव में मृत्यु एनीमिया के कारण होती है

श्री वर्मा ने महिलाओं में 12-16 ग्राम प्रति 100 एम०एल०,गर्भवती महिलाओं में 11-15 एम० एल० तथा पुरूषों में 13-17 एम०एल० हीमोग्लोबिन होना चाहिए।

एनीमिया का मुख्य कारण हीमोग्लोबिन के लिए आवश्यक तत्वों आयरन,फोलिक एसिड तथा विटामिन बी-12 की आहार में कमी होने अथवा आनुवांशिक रोग थैलेसीमिया,सिकल सैल एनीमिया,पेट में हुकवार्म (कीड़े), मलेरिया,एड्स व अन्य संक्रमण आदि बताते हुए आहार में लौह तत्व जैसे गेहूं व बाजरे की रोटी, पालक,बथुआ,हरी पत्तेदार सब्जियां, राजमा,भुना चना, गुड़, चुकंदर, अंकुरित अनाज व दालें, किशमिश, केला,बादाम,दूध, मशरूम व सोयाबीन आदि आयरन युक्त तथा प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ लें। परन्तु आयरन के समुचित अवशोषण के लिए भोजन के साथ चाय अथवा काॅफी न पिएं।

श्री वर्मा ने आनुवांशिक रक्त रोग थैलेसीमिया की विशेष रूप से चर्चा करते हुए अनुरोध किया कि माता- पिता अपने बेटे – बेटियों के विवाह से पूर्व जन्म कुंडली मिलाने की बजाय उनकी थैलेसीमिया जांच अवश्य कराएं तथा थैलेसीमिया माईनर लड़के-लड़की का आपस में विवाह बिल्कुल ‌न कराएं।

परिषद् के प्रांतीय संगठन मंत्री डॉ० मुकेश गोयल ने आजकल के युवाओं में एनीमिया के लिए जंक फूड के अधिक सेवन तथा घरों में भोजन पकाने के दोषपूर्ण तरीकों को दोषी करार दिया। उन्होंने बच्चों व युवाओं से घर का पौष्टिक व ताजा भोजन छोड़ने‌ की बजाय जंक फूड व साॅफ्ट ड्रिंक्स की लत छोड़ने की अपील की। साथ ही उन्होंने खाना बनाने के लिए लोहे के बर्तन में भोजन पकाने तथा एल्यूमीनियम के बर्तनों को त्यागने की सलाह दी

पूर्व पार्षद मीरा कठैत ने महिलाओं को स्वयं साफ रहने तथा बच्चों को भी साफ रखने की अपील की। उन्होंने स्वच्छतापूर्वक भोजन पकाने व पीने के पानी की शुद्धता की ओर विशेष ध्यान रखने की जरूरत पर बल दिया। इस अवसर पर 50 महिलाओं को सैनिटरी पैड सहित सभी उपस्थितों को कोरोना की जंग में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली आयुर्वेदिक दवाओं का”आयुष रक्षा किट” भेंट किए गए ।

इस अवसर पर समर्पण शाखा के अध्यक्ष नीलेश अग्रवाल, ग्रेटर शाखा के सचिव के के अरोड़ा, सह सचिव सुभाषिनी डिमरी, कार्यकारिणी सदस्या सुनीता नौटियाल, पुष्पा भल्ला ,संजय काम्बोज ,सुमित पाण्डे तथा श्री सेमवाल सहित शास्त्री नगर , सीमाद्वार व इंदिरा नगर क्षेत्र के निवासी उपस्थित थे।

विचार गोष्ठी का संचालन द्रोण सचिव अनिल वर्मा तथा धन्यवाद ज्ञापन सहसचिव सुभाषिनी डिमरी ने किया। शिविर का समापन राष्ट्रगान से हुआ।

doonited.in : 8 July, 2020
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