उत्तर-पश्चिम रीजन के प्रथम अधिवेशन मंथन-2019 का आयोजन

उत्तर-पश्चिम रीजन के प्रथम अधिवेशन मंथन-2019 का आयोजन

जयपुर। राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि संविधान की धज्जियां उड़ाने वाले लोग ही कह रहे हैं कि संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ऐसा कहने वालों में दुर्भाग्य से बड़े-बड़े बुद्धिजीवी भी शामिल हैं। राज्यपाल मिश्र शनिवार को विद्याधर नगर स्थित माहेश्वरी उत्सव भवन में भारत विकास परिषद उत्तर-पश्चिम रीजन के प्रथम अधिवेशन मंथन-2019 को बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफग़ानिस्तान में अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित करते हैं, ऐसे में वे भारत में आते हैं तो उन्हें नागरिकता मिलनी चाहिए। प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने के लिए केन्द्र सरकार ने पिछले दिनों नागरिकता कानून में संशोधन किया, लेकिन उस पर बेवजह का बवाल करना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे पहले राज्यपाल ने परिषद की स्मारिका का विमोचन किया। अधिवेशन के पहले दिन आरएसएस के क्षेत्र संघचालक डॉ. रमेश अग्रवाल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम शर्मा, रीजनल अध्यक्ष शांतिलाल पनगड़िया और प्रांतीय अध्यक्ष हेमंत जोशी ने विचार रखे। अधिवेशन संयोजक रणवीरसिंह त्यागी ने बताया कि रविवार को समापन सत्र को स्वामी संवित सोमगिरी महाराज आशीर्वचन देंगे।

देश को गुमराह करने का प्रयास
मिश्र ने कहा कि सही बात को गलत बताकर संविधान बचाने के नाम पर हिंसा व पत्थरबाजी कर देश को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। दिल्ली और यूपी समेत देश के कई हिस्सों में आग लगाने का काम राजनीति कर रही है। कथित बुद्धिजीवी-वामपंथी अवार्ड वापस करने की धमकी दे रहे हैं तो फिर उन्होंने अवार्ड लिया ही क्यों था। उन्होंने कहा कि देश का वातावरण खराब करने वालों को अब सख्ती से संविधान समझाना पड़ेगा। परिषद के कार्यकर्ताओं को भी नागरिकता संशोधन कानून के बारे में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों का सकारात्मक मानस बनाने के लिए काम करना होगा। ।

अधिकार जानें, लेकिन कर्तव्य भी याद रखें
मिश्र ने कहा कि संविधान में सभी के लिए संवैधानिक अधिकार तो दिए गए हैं लेकिन कर्तव्य भी दिए गए हैं। हमें संवैधानिक अधिकार जानने का पूरा हक है, लेकिन हमारे कर्तव्य को भी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान हमारे लिए गीता, रामायण, कुरआन आदि सब कुछ है। ऐसे में लोगों को अपने संवैधानिक कर्तव्यों के बारे में जानकारी होनी चाहिए। राज्यपाल ने भारत विकास परिषद के कार्यक्रमों की सराहना करते हुए समाज के जरूरतमंद लोगों की सेवा करने का आह्वान किया तथा कार्यकर्ताओं को संवैधानिक कर्तव्यों के बारे में अभियान चलाकर लोगों को जानकारी देनी चाहिए। मैं प्रदेश के विश्वविद्यालयों में जाता हूं तो युवाओं को संविधान पढऩे के लिए कहता हूं। राज्यपाल ने संविधान की प्रस्तावना व अनुच्छेद 51क को पढ़कर सुनाया।

पीड़ित मानव की सेवा ही लक्ष्य
भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुरेश गुप्ता ने कहा कि समाज के प्रबुद्धजनों को संगठित कर पीड़ित मानवता की सेवा करना भाविप का मुख्य लक्ष्य है। हमें संस्कार प्रकल्पों पर और अधिक ध्यान देना होगा, जिससे कि परिवारों का विघटन रुक सके। परिषद द्वारा नशे के खिलाफ अभियान, पर्यावरण के प्रति जागरूकता, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन, कोटा में सुपर स्पेश्यलिटी हॉस्पिटल में जरूरतमंदों की सेवा कर एक मिसाल पेश कर रहा है। इसके साथ ही मोक्षधामों का सौंदर्यीकरण, आदर्श गांव की परिकल्पना के साथ ही प्रतिवर्ष करीब एक लाख यूनिट ब्लड संग्रह किया जाता है।

Patrika News : 28 December, 2019

Leave a Reply

Close Menu