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संस्कृति सप्ताह 

संस्कृति सप्ताह का आयोजन
संस्कृति सप्ताह परिषद् के पांचों स्तम्भ सूत्र संपर्क, सहयोग, संस्कार, सेवा और समर्पण का जीवन्त मूर्त रुप है। यह परिषद् के अत्यंत लोकप्रिय कार्यक्रम फ्विकास सप्ताहय् जिसे अपने शैशव काल में परिषद सप्ताह के नाम से जाना जाता था का नया नाम है। वर्ष 1986 में इसके आरम्भ से ही पूरे देश की अधिकांश शाखाओं में इसका आयोजन पूर्ण उत्साह से हो रहा है।

मूलतः संस्कृति सप्ताह परिषद् का प्रचार-प्रसार एवं जन-सम्पर्क का प्रमुख कार्यक्रम है। परिषद् के सभी आधार स्तम्भों के प्रस्तुतिकरण का सशक्त माध्यम है, किसी संस्था द्वारा लिये जाने वाले कार्यक्रम ही उस संस्था की पहचान होते हैं तथा उससे प्रभावित होकर ही लोग उस संस्था से जुड़ते हैं। भारतीय संस्कृति एवं संस्कारयुक्त कार्यक्रम समाज के सम्मुख रखकर परिषद् का नाम और प्रतिष्ठा बढ़ाना ही संस्कृति सप्ताह को आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य है। इस दौरान समाज के सभी वर्गों एवं सभी उम्र के लोगों के लिये कार्यक्रम करने का प्रयास रहता है।

                समाज के अर्द्धांग अर्थात् महिलायें समाज का अत्यन्त महत्वपूर्ण अंग हैं। बिना उनकी सक्रिय भागीदारी के समाज के सर्वांगीण विकास की कल्पना बेमानी है। परिषद् अपने स्थापना काल से ही इस महत्वपूर्ण बिन्दु पर सचेत है, इसीलिये परिषद् की सदस्यता एकल न होकर दम्पत्ति की है अर्थात् पति या पत्नी के सदस्य बनते ही उसका जीवन साथी भी परिषद् का सदस्य हो जाता है। माहिलायें आगे बढ़ें, समाज के कार्यों में उनकी रुचि बढ़े, उनकी उत्तरदायित्व की भावना में वृद्धि हो और वे समाज की अग्रिम पंक्ति में अपना स्थान बनायें इस विचार से संस्कृति सप्ताह का आयोजन महिला सदस्यों द्वारा पुरुष सदस्यों के सहयोग से सम्पादित किया जाता है।

                सप्ताह के दौरान किये जाने वाले कार्यक्रमों को चयन करने में शाखायें स्वतंत्र हैं परंतु कार्यक्रम परिषद् की मूल भावना के अनुरुप हों एवं समाज के सभी उम्र के लोगों का हित देखते हुए लिये जायें। संस्कृति सप्ताह के राष्ट्रीय पुरस्कार की पात्रता हेतु शाखाएं कार्यक्रमों का चयन राष्ट्रीय प्रकल्प एवं कार्यक्रम जैसे राष्ट्रीय समूहगान, भारत को जानो, गुरु वन्दन छात्र अभिनन्दन आदि को कार्यक्रमों की सूची में शामिल न करें। पांच या इससे अधिक कार्यक्रम करने वाली प्रत्येक शाखा को केन्द्र की ओर से प्रमाण-पत्र दिया जाता है तथा चयनित शाखाओं को राष्ट्रीय अधिवेशन में पुरस्कृत किया जाता है। शाखाएं कार्यक्रमों का चयन अगले पृष्ठ पर दी गई सूची में से भी कर सकती हैं। 

विचारणीय बिन्दु
क्षेत्र की भूमिका-
क्षेत्रीय महामंत्री अपने क्षेत्र के प्रांतों के महासचिवों एवं संयोजक संस्कृति सप्ताह को प्रेरित करें कि वे अपने प्रान्तों की शाखाओं के सतत् संपर्क में रह कर उन्हें संस्कृति सप्ताह के आयोजन हेतु प्रेरित करें तथा आख्या प्राप्त कर लें।

प्रान्त की भूमिका- प्रान्त की कार्य कारिणी गठित करते समय किसी सक्रिय सुयोग्य महिला सदस्य को संयोजक संस्कृति सप्ताह के रुप में नियुक्त कर दें ताकि उनको शाखाओं से संपर्क करने हेतु पर्याप्त समय मिल सके एवं प्रान्तीय संयोजक का नाम, पता, फोन नं- सहित क्षेत्रीय महामंत्री एवं केन्द्रीय कार्यालय को भेज दें।

प्रान्त की परिस्थितियों एवं सुविधा की दृष्टि से इस हेतु निर्धाारित मास सितम्बर में से किसी एक सप्ताह का चयन कर सभी शाखाओं से इन्हीं चयनित तिथियों में अयोजन हेतु अनुरोध करें ताकि पूरे प्रान्त में परिषद्मय वातावरण बन सकें।

प्रान्तीय दायित्वधारी प्रान्तीय महासचिव की सहमति से शाखा कार्यक्रमों में अवश्य जायें ताकि उन्हें कार्यक्रमों की गुणवत्ता आदि की जानकारी हो सके। अपनी आख्या से वह प्रान्तीय महासचिव को अवश्य अवगत करा दें।

श्रेष्ठ आयोजन करने वाली शाखाओं को पुरस्कृत करें एवं इस हेतु एक पुरस्कार समिति का गठन करें ताकि वह शाखाओं की आख्या एवं दायित्वधारियों की आख्या पर विचार कर श्रेष्ठ आयोजन करने वाली शाखाओं का चयन कर सके।

अपने प्रान्त की आख्या 15 नवम्बर से पूर्व केन्द्रीय कार्यालय को निर्धारित प्रारुप में अवश्य भिजवा दें तथा प्रान्त द्वारा चयनित प्रथम आई शाखा की सूचना भी प्रेषित करें।

शाखा स्तर पर
1-            पूरे देश की सभी शाखाओं में संस्कृति सप्ताह का आयोजन अपनी किसी महिला सदस्य की अगुवाई में होना चाहिये। सत्र के प्रारंभ में कार्यकारिणी गठन के समय ही किसी सक्रिय सुयोग्य महिला सदस्य को संस्कृति सप्ताह का संयोजक नियुक्त कर दें ताकि उन्हें कार्यक्रम संयोजक आदि नियुक्त करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। संयोजक का नाम, पता, फोन नं- सहित प्रान्त को सूचित करें।

2-            प्रान्त द्वारा चयनित तिथियों में ही आयोजन करें।

3-            सप्ताह में पांच या इससे अधिक कार्यक्रम आयोजित करना आवश्यक है।

4-            परिषद् परिवार में अनेक प्रतिभायें हैं। आवश्यकता है उन्हें उचित अवसर प्रदान कर आगे लाने की ताकि उनकी प्रतिभा समाज के सम्मुख आ सके और उसका समुचित सदुपयोग हो, अस्तु केन्द्रीय नेतृत्व ने संस्कृति सप्ताह में एक पारिवारिक सांस्कृतिक आयोजन करना अनिवार्य कर दिया है। इसमें परिषद् सदस्य, परिषद् परिवार की महिलायें व बच्चे ही भाग ले सकते हैं। कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति, भारतीय संस्कृति, लोक संस्कृति आदि पर आधारित होने चाहियें।

5-            अपने आयोजन की आख्या निर्धाारित प्रारुप में 15 अक्टूबर तक अपने प्रान्तीय महासचिव को अवश्य भेज दें। आख्या के साथ आयोजन का आमंत्रण पत्र, फोटो, समाचार पत्रें की कटिंग अवश्य संलग्न करें।

6-            शाखायें संस्कृति सप्ताह के कार्यक्रम निर्धाारित करने हेतु स्वतंत्र हैं परन्तु कार्यक्रम निर्धाारित करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि कार्यक्रम सभी उम्र व सभी  वर्ग के लोगों के लिये हों तथा उनसे कहीं भी भारतीय संस्कृति व संस्कारों पर विपरीत प्रभाव न पड़े।

7-            आपके कार्यों/आयोजनों का समुचित प्रचार-प्रसार हो इसलिये मीडिया का सहयोग अवश्य लें। संभव हो तो सप्ताह के प्रारंभ से पूर्व एक प्रेस वार्ता आयोजित कर समाचार पत्र प्रतिनिधियों (प्रिंट एवं इलैक्ट्रोनिक दोनों) को अयोजन की पूरी जानकारी दें। कार्यक्रमों में भी प्रेस को आमंत्रित करें तथा पूर्व में तैयार प्रेस नोट उन्हें दे दें ताकि उन्हें समाचार तैयार करते समय उपयुक्त जानकारी मिल सके।

8-            संस्कृति सप्ताह मुख्यतः प्रचार-प्रसार एवं जन-संपर्क का कार्यक्रम है अस्तु समाज के सभी वर्ग के श्रेष्ठ लोगों को अपने आयोजनों में आमंत्रित करें। उन्हें परिषद् की जानकारी दें एवं अपने साथ जोड़ने का प्रयास करें।

कार्यक्रम सूची

1-            सामयिक विषयों पर विचार गोष्ठी, परिचर्चा, निबंध, भाषण एवं चित्र कला प्रतियोगितायें।
2-            विभिन्न क्षेत्रें में अनुकरणीय कार्य करने वाले समाज के लोगों का सम्मान।
3-            बच्चों के लिये भारतीय परिवेश के फैन्सी डैª, नृत्य, गायन आदि।
4-            विभिन्न खेल प्रतियोगितायें।
5-           सामूहिक सरल विवाह, आयोजन अवधि में पड़ने वाले राष्ट्रीय एवं धाार्मिक त्योहारों का आयोजन। महिलाओं हेतु मेंहदी, रंगोली, पूजा का थाल सज्जा, पाक कला प्रतियोगिता। धार्मिक एवं लोक संस्कृति पर आधारित अन्ताक्षरी प्रतियोगिता। नगर के विभिन्न प्रवेश मार्गों एवं रेलवे स्टेशन पर स्वागत बोर्ड लगवाना। तुलसी आदि उपयोगी पौधों का वितरण एवं वृक्षारोपण।
6-            समाज के सभी वर्ग के श्रेष्ठ जनों को परिषद् साहित्य उपलब्ध कराना। हल्के वाहनों हेतु पुलिस के सहयोग से ग्रीन कार्ड बनवाना। कैरियर गाइडेंस काउन्सिलिंग, भजन संध्या, सांस्कृतिक कार्यक्रम। बाल संस्कार शिविर, व्यक्तित्व विकास शिविर, प्रौढ़ संस्कार शिविर, परिवार संस्कार शिविर, बंदे मातरम् गायन प्रशिक्षण एवं गायन प्रतियोगितायें।


प्रान्तों से समाचार
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मेरठ संस्कार, हस्तिनापुर : शाखा द्वारा इस प्रकल्प के अन्तर्गत इस्माइल गर्ल्स इण्टर कॉलज में वृक्षारोपण एवं पर्यावरण पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें डॉ. एस.के.अग्रवाल एवं प्रधानाचार्या डॉ.  मृदुला शर्मा की उपस्थिति रही। स्थानीय कुष्ठाश्रम में दवाईयाँ, कम्बल, कपड़े, फल व भोजन का वितरण किया गया। शास्त्री नगर स्थित ए.वी. पब्लिक स्कूल में स्टेशनरी का वितरण किया गया। स्थानीय श्री रणधीर शास्त्री गौशाला में गऊ के सेवा हेतु हरा चारा भेंट किया। शाखा अध्यक्ष डॉ. प्रवेश सोती के निवास पर भजन संध्या कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अन्तिम सप्ताह में वृद्धाश्रम में कम्बल, पत्रिकाऐं, फल, मिठाई, बिस्कुट, नमकीन, आटा, साबुन आदि दैनिक उपयोग की वस्तुए भेंट की गई। शाखा के सभी सदस्य इन कार्यक्रमों में उपस्थित थे। शाखा ने गुरु वन्दन छात्र अभिनन्दन एवं भारत को जानो प्रतियोगिता स्थानीय के.एस. पब्लिक स्कूल साकेत में आयोजित किया जिसमें विभिन्न विद्यालयों के नौ प्रधानाचार्यों, शिक्षकों एवं मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित एवं अभिनन्दन किया गया।

शास्त्री नगर, मेरठ : शाखा द्वारा इस प्रकल्प के अन्तर्गत साईपुरम व, माधवपुरम वृद्धाश्रम में फलों व अन्य खाने के सामान का वितरण, विल्वेश्वर संस्कृत विद्यालय में छात्रों को रात्रि भोजन की व्यवस्था, थाल सज्जा व रंगोली, कुष्ठाश्रम में दवाओं, कपड़ों व खाने के सामान, गीता आश्रम बाल मंदिर स्कूल के बच्चों को स्टेशनरी व अन्य सामान का वितरण, शिवाली रोड स्थिति वैश्य अनाथालय में फलों का वितरण, नये सदस्यों व गणमान्य व्यक्तियों से सम्पर्क, हावर्ड प्लास्टर गल्र्स इण्टर काॅलेज में 50 फलों एवं अन्य प्रजातियों के वृक्षों का रोपण, शहर के सात विद्यालयों में 4200 छात्रों के मध्य भारत को जानो प्रतियोगिता आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

योग मेरठ : शाखा द्वारा इस प्रकल्प के अन्तर्गत स्थानीय गुरुतेग बहादुर पब्लिक स्कूल, दीप एकेडमी तथा सिटी इण्टर कॉलेज में भारत को जानो प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। शिक्षक दिवस के अवसर पर बी.के. इण्टर कॉलेज नई बस्ती में सेवा भारती के डॉक्टरों के सहयोग से निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया जिसमें स्कूल के छात्रों, शिक्षकों और स्कूल के अन्य स्टॉफ के स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क दवाईयाँ वितरित की गई। शिविर के पश्चात् स्कूल के बच्चों को स्टेशनरी, बिस्कुट, फल आदि का वितरण किया गया और शिक्षक-शिक्षिकाओं को शिक्षक दिवस पर शुभकामनाओं के साथ एक-एक पेन व रजिस्टर भेंट की गई और शाखा संयोजिका द्वारा स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमती रेखा बंसल को सम्मानित किया गया। स्थानीय गोपाल गऊशाला में गायों को हरा चारा व चोकर आदि भेंट किया गया। दिल्ली रोड स्थित कुष्ठ आश्रम में खाद्य सामाग्री, कपड़े, दवाईयाँ आदि का वितरण किया गया। एकेडमी शिव शक्ति में गुरु वन्दन छात्र अभिनन्दन कार्यक्रमों के अन्तर्गत प्रधानाचार्य श्री मनीष कुमार शर्मा व विशिष्ट अध्यापिका श्रीमती पल्लवी शर्मा को सम्मानित किया गया। शाखा अध्यक्ष ने कहा कि भारत को उन्नत बनाने के लिये जहाँ भौतिक प्रगति एक मापदण्ड है वहीं चरित्र विकास भी अत्यन्त आवश्यक है। इसके लिये भी हमें किशोरों को योगाभ्यास के प्रति जागरूक करना होगा।

उत्कर्ष मेरठ : शाखा द्वारा इस प्रकल्प का आयोजन 14 से 23 सितम्बर तक किया गया जिसके अन्तर्गत गोपाल गौशाला में गायों को चारा भेंट किया गया। स्थानीय सांई मंदिर में उपस्थित भक्त जनों को तुलसी के पौधों का वितरण, प्राइमरी विद्यालय में कॉपी, लेखन सामाग्री एवं बिस्कुट का वितरण, रजबन बाजार स्थित वृद्धाश्रम में आश्रितों को सदस्यों द्वारा भोजना कराया गया तथा फल, बिस्कुट एवं अन्य उपयोगी वस्तुओं का वितरण, सत्यकान मानव सेवा संस्थान में रह रहे एड्स पीड़ित बच्चों को भोजन तथा दवाईयों, बेकरी का सामान एवं अन्य दैनिक उपयोगी की वस्तुओं का वितरण, श्री विवेकानन्द कुष्ठ आश्रम में खाद्य सामाग्री एवं दैनिक प्रयोग की वस्तुओं का वितरण, शाखा सचिव मुकुल अग्रवाल के निवास स्थान पर सुन्दर काण्ड पाठ का आयोजन, नवरात्रों तथा दशहरा के अवसर पर बच्चों द्वारा देवी के नौ रूपों की झाँकी, गुरु वन्दन छात्र अभिनन्दन का आयोजन जिसमें शिक्षकों एवं मेधावी छात्रों का सम्मान आदि का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सभी पदाधिकारी एवं सदस्यगण उपस्थित थे।

सहयोग-फर्रूखाबाद, ब्रह्मावर्त : शाखा के आतिथ्य में इस प्रकल्प के अन्तर्गत 7 से 14 सितम्बर तक मेंहन्दी प्रतियोगिता, रंगोली प्रतियोगिता, स्लोगन प्रतियोगिता, निबन्ध प्रतियोगिता आदि का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न विद्यालयों के 250 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। समारोह की अध्यक्षता प्रान्तीय अध्यक्ष राधेश्याम गुप्त अग्रहरि ने की जिसमें क्षेत्रीय महामंत्री शशिभूषण गुप्त, प्रान्तीय संयोजिका महिला सहभागिता भी उपस्थित थीं। उन्होंने सफलता पूर्वक आयोजन के लिए शाखा को बधाई दी।

रामकृष्ण : शाखा द्वारा इस प्रकल्प के अन्तर्गत स्थानीय जय नारायण इण्टर कॉलेज में परिषद् द्वारा प्रकाशित साहित्य परिषद् परिचय, परिषद् के आदर्श स्वामी विवेकानन्दन पुस्तिकाओं का वितरण उपस्थित अध्यापकगण, प्राचार्य, छात्र-छात्राओं में किया गया। स्थानीय इस्कॉन मंदिर में 2030 पौधों का रोपण कानपुर विकास प्राधिकरण उपाध्यक्षा श्रीमती जयश्री भोज एवं मंदिर प्रशान के प्रमुख डी. दास के हाथों सम्पन्न हुआ। दबौली दुर्गा मंदिर एवं गायत्री मंदिर के परिसर में सुन्दरकाण्ड पाठ का आयोजन एवं नवरात्रि प्रतिपदा के अवसर पर दीप यज्ञ आदि का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया जिसमें सभी सदस्यों की सहभागिता रही।

मदनगंज किशनगढ़, राजस्थान मध्य : शाखा द्वारा इस प्रकल्प के अन्तर्गत स्थानीय माहेश्वरी इन्टरनेशनल स्कूल में गुरु वन्दन एवं छात्र अभिनन्दन कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें 27 गुरुजनों एवं 115 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। नक्षत्र वन स्थित गौशाला परिसर में 51 वृक्षों का रोपण, राज. यज्ञ नारायण चिकित्सालय में स्व. श्री रामनिवास एवं स्व. श्रीमती सदाकंवर दरगढ़ की पुण्य स्मृति में रोगियों को फल का वितरण, मुक्तिधाम में वाचनालय संचालित, निःशुल्क लकड़ी की व्यवस्था, निःशुल्क रोगी वाहन, जल कुटीर आदि कार्यक्रम किया गया।

भिवाड़ी, राजस्थान उत्तर पूर्व : शाखा द्वारा स्थानीय बूढ़ी बाबल गौशाला के वार्षिकोत्सव में पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सहभागिता कर गौमाताओं के भरण पोषण के लिए आर्थिक सहायता की गई। कोसमास ग्रीन्स कॉलोनी में तुलसी के 100 पौधों का वितरण किया गया। आर.डी.एस. पब्लिक स्कूल में महिला आत्म सुरक्षा कार्यक्रम के अन्तर्गत जूड़ों कराटे के विशेषज्ञ अमर सूनवर व अनुराधा कौशिक द्वारा 500 छात्र-छात्राओं का जूड़ों कराटे के पैंतरे व आत्म सुरक्षा के उपायों पर प्रकाश डाला गया। सुनीता रानी सिघल व श्री ओम कौशिक द्वारा स्थानीय राजकीय चिकित्सालय में रोगियों की परीक्षण व फल वितरण किया गया। बी.एम.ए. सभागार में ‘स्वदेशी अपनाओं देश को मजबूत बनाओं’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। भिवाड़ी की सभी कॉलोनियों में 10,000 मिट्टी के दीयों का वितरण किया गया। विभिन्न विद्यालयों में ग्रीटिंग कार्ड प्रतियोगिता कराई गई। स्थानीय बाबा मोहन राम मंदिर की परिक्रम का आयोजन किया गया।

सुनेल, राजस्थानी दक्षिण पूर्व : शाखा द्वारा स्थानीय हनुमान मंदिर परिसर में एक दर्जन से अधिक वृक्षों का रोपण किया गया। स्थानीय त्र्यंबकेश्वर महादेव मंदिर में भारत को जानो प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें वरिष्ठ वर्ग में 180 एवं कनिष्ठ वर्ग में 80 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में 60» से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अनेक पदाधिकारी एवं सदस्यगण उपस्थित थे।

पाली, राजस्थान पश्चिम : शाखा द्वारा 6 सितम्बर से 13 सितम्बर तक इस प्रकल्प के अन्तर्गत स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. कीर्ति शर्मा द्वारा स्वास्थ्य सम्बन्धी लड़कियों की जिज्ञासाओं जैसे पेट, कमर, घुटने में दर्द, बालों का झड़ना, शारीरिक कमजोरी इत्यादि रोगो का समाधान एवं सुझाव, महिला शोषण पर समाज/सरकार की जागरूकता पर भाषण प्रतियोगिता, पिछड़ी बस्ती की महिलाओं में संस्कार जागरण पर प्रवचन, दोहे मुहावरे प्रतियोगिता, स्वामी विवेकानन्द पर निबन्ध प्रतियोगिता, वर्तमान की ज्वलन्त समस्याओं पर नाट्य प्रतियोगिता, निर्धन छात्रों को सहयोग एवं संस्कार पर परिचर्चा, पाक कला व हस्तशिल्प का प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिता, सांस्कृतिक संध्या आदि का आयोजन किया गया जिसमें शाखा पदाधिकारी एवं सदस्यगणों का भरपूर सहयोग रहा।

बाड़मेर : शाखा द्वारा सितम्बर माह में इस प्रकल्प के अन्तर्गत स्थानीय सेवा सदन में एक विशाल एवं निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया जिसमें हड्डी जोड़ के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपने सहायकों द्वारा सेवायें दी। इस शिविर में 90 रोगियों की जांच की गई। परिषद् द्वारा संचालित भारत लेबोरेट्री के माध्यम से इस माह में कुल 478 रोगियों को न्यूनतम दरों पर जांच सुविधा उपलब्ध कराई गई। परिषद् द्वारा संचालित एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से इस माह अब तक 8 रोगियों को न्यूनतम दरों पर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई गई। गुरु वन्दन छात्र अभिनन्दन कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय 12 विद्यालयों में किया गया जिसमें कुल 7421 छात्र छात्राओं ने भाग लिया। इन विद्यालयों के कुल 134 प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। भारत को जानो प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया जिसमें 10 विभिन्न विद्यालयों में लिखित परीक्षा आयोजित की गई जिनमें वरिष्ठ एवं कनिष्ठ वर्ग में कुल 512 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

सुभाष-उदयपुर, राजस्थान दक्षिण : शाखा द्वारा इस प्रकल्प के अन्तर्गत गुरुद्वारा गुरुनानक दरबार हॉल में रंगोली प्रतियोगिता, हैप्पी होम माध्यमिक विद्यालय में चित्रकला प्रतियोगिता एवं पर्यावरण प्रश्नोत्तरी, एन.सी.ए. सी.सै.स्कूल में मेंहदी प्रतियोगिता, सरस्वती नर्सिंग कॉलेज में नेत्रदान, देहदान पर वार्ता तथा नशा मुक्ति पर नाटिका मंचन के साथ विशाल मंडिकल कैम्प आदि का आयोजन किया गया। उपरोक्त कार्यक्रमों में विभिन्न विद्यालयों के कुल 500 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस अवसर पर कुल 50 छात्रों ने रक्तदान एवं नेत्रदान के लिये संकल्प पत्र भरे। मेडिकल कैम्प में 160 रोगियों का उपचार विभिन्न डॉक्टरों द्वारा किये गये। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रान्तीय अध्यक्ष बी.एल.हीरावत, विशिष्ठ अतिथि श्रीमती राजश्री गाँधी व बी.एल.शर्मा थे। सभी डॉक्टरों व नर्सिंग स्टॉफ को सम्मानित किया गया व 8 नये सदस्यों को शपथ दिलाई गई।

सुजानपुर, पंजाब उत्तर : शाखा द्वारा स्थानीय गऊशाला में गऊओं को चारा, नशे पर शहर में फ्लैक्सी बोर्ड, वृक्षारोपण, सरकारी स्कूल में स्टेशनरी का वितरण, शहर के कुओं में दवाईयों का छिड़काव, शिवालय मंदिर में तुलसी पौधों का वितरण व शहर के पुल नं. 5 पर भारत विकास परिषद् का बोर्ड आदि कार्यक्रम किया गया।

गुरदासपुर : शाखा द्वारा इस प्रकल्प के अन्तर्गत 2 स्कूलों, कॉलेजों व दूसरे अन्य स्थानों पर स्थानीय लोगों एवं सदस्यों के सहयोग से 40 कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस समारोह का आयोजन कर बाल विद्या मंदिर में 5 अध्यापकों एवं 5 विद्यार्थियों को हार पहनाकर सम्मानित किया गया। महाराजा अग्रसेन जयन्ती पर स्कूल में बच्चों की भाषण प्रतियोगिता एवं शहीद भगत सिंह की जयन्ती आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन सभी कार्यक्रमों में परिषद् सदस्यों का सहयोग रहा।

टैगोर-लुधियाना : शाखा द्वारा इस प्रकल्प के अन्तर्गत सरकारी हाई स्कूल में शिक्षक दिवस के अवसर पर 25 अध्यापको को स्वामी विवेकानन्द जी के चित्र देकर सम्मानित किया गया। अब्दुलापुर बस्ती के बच्चों में कपड़ों का वितरण, दो बाल संस्कार केन्द्रों डॉ. अम्बेदकर बाल संस्कार, बाबा जुझार बाल संस्कार केन्द्र गौधाम में राष्ट्रीय गीत एवं चित्रकारी प्रतियोगिता, विकालांग सहायता केन्द्र में कम्प्यूटर केन्द्र व सिलाई केन्द्र के बच्चों ने सामाजिक जागरूकता के लिये रंगारंग कार्यक्रम की प्रस्तुति, भाई रणधीर सिंह नगर में चल रहे सिलाई स्कूल की लड़कियों को चार सिलाई मशीन भेंट की गई, बाबा बालक नाथ मंदिर पर चल रहे सिलाई व कम्प्यूटर सेन्टर के बच्चों को कम्प्यूटर शिक्षा के बारे में जानकारी, लड़कियों को अपनी सुरक्षा के बारे में जागरूक एवं बच्चों तथा महिलाओं में स्टेशनरी व खाने पीने का सामान का वितरण, फील्ड गंज बस्ती में गरीब लोगों के लिये मेडिकल कैम्प, हिन्दी दिवस, गुरु वन्दन छात्र अभिनन्दन आदि कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया जिसमें पदाधिकारी एवं सदस्यगणों का भरपूर सहयोग रहा।

बटाला : शाखा द्वारा इस प्रकल्प के अन्तर्गत गुरु नानक देव जी का विवाह पर्व, दुर्घटना से सावधान करने हेतु स्टीकर, समय प्रबन्धन के तनाव विषय पर सेमीनार जिसके मुख्य अतिथि गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के मुखी डॉ. जोगिन्द्र सिह जोहल थे, प्रदूषण एवं जल स्तर का संतुलन को बनाये रखने हेतु पौधों का रोपण, गुरु वन्दन एवं छात्र अभिनन्दन कार्यक्रम, तुलसी पूजन एवं वितरण, हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी अनन्त श्री विभूषित शंकराचार्या स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती महाराज जी के बटाला आने पर स्वागत समारोह आदि कार्यक्रमों का सफलता पूर्वक आयोजन किया गया जिसमें सभी सदस्यों की सहभागिता रही।

जालंधर दक्षिण : शाखा द्वारा इस प्रकल्प के अन्तर्गत पंचवटी मंदिर गौशाला में गऊओं को चारा, दो स्कूलों में गरीब बच्चों को कॉपियाँ और स्टेशनरी का वितरण, सरकारी अस्पताल में मरीजों को दलिया, फल और खाने का सामान का वितरण, स्कूलों में जाकर वर्षा ऋतु में होने वाली बीमारियों से बचाव के उपाय पर विस्तृत जानकारी बच्चों की दी गई, सड़क सुरक्षा के नियम की जानकारी, निःशुल्क मेडिकल शिविर, 10 पेड़ व 10 तुलसी पौधों का रोपण व वितरण, निबन्ध लेखन प्रतियोगिता, गुरु वन्दन छात्र अभिनन्दन आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमें सदस्यों एवं पदाधिकारियों ने उत्साह से भाग लिया।

फाजिलका, पंजाब दक्षिण : शाखा द्वारा इस प्रकल्प की शुरुआत सम्पर्क सूत्र को बढ़ावा देने हेतु अबोहर शाखा के साथ परिवार मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें दोनों शाखाओं की महिला सदस्यों ने सहभागिता की। इस कार्यक्रम में 50 परिवारों ने भाग लिया। धार्मिक एवं लोक संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम जैसे तुलसी पौधों का वितरण तथा वृक्षारोपण आदि का आयोजन किया गया। स्थानीय प्राईमरी स्कूल के विद्यार्थियों से लेकर हाई, सीनियर सैकेण्डरी तथा कॉलेज के विद्यार्थियों के मध्य सुलेख प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। मानव कल्याण सभा द्वारा संचालित वृद्धाश्रम में वृद्धों को फल वितरण किया गया।

नंगल, पंजाब पूर्व : शाखा एवं भाखड़ा शाखा के संयुक्त तत्वावधान में इस प्रकल्प का आयोजन किया गया जिसके अन्तर्गत परिवार मिलन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देशभक्ति गीत, कविताओं का पाठ आदि की प्रस्तुति दी गई। प्रान्तीय संगठन मंत्री के.के.सूद ने शाखाओं के विस्तार के लिए अपने विचार प्रकट किये। जिला अध्यक्ष गुलशन नैयर, श्रीमती कृष्णा वर्मा और नीलम कपिला ने भी संस्कृति पर प्रकाश डाला। शाखा सदस्यों एवं बच्चों ने भी अपने विचार रखे।

लखनऊ समर्पण, अवध प्रदेश : शाखा द्वारा मेडिकल कैम्प जन कल्याण समिति वासन आई केयर व मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स ने डेन्टल कैम्प वरिष्ठ नागरिकों के लिये लगाया गया जिसमें 250 लोगों ने जांच कराई एवं 300 लोगों ने होम्यो शिविर में स्वास्थ्य का निःशुल्क परीक्षण कराया। सचिव कंचन लता के निवास पर 100 लोगों का दन्त परीक्षण एवं बाल संस्कार शिविर का आयोजन किया गया। आधार कार्ड बनाने का शिविर लगाया गया जिसमें 125 लोगों का आधार कार्ड बनाया गया। कैपिटल स्कूल में वासन केयर व दन्त परीक्षण शिविर में 500 बच्चों का निःशुल्क परीक्षण किया गया। भारत को जानो एवं गुरु वन्दन छात्र अभिनन्दन कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया।

अलीगढ़ शिवम्, ब्रज प्रदेश : शाखा द्वारा इस प्रकल्प के अन्तर्गत वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन लोहिया पार्क में किया गया जिसमें अशोक, नीम, अमरुद, गुलमोहर आदि के पौधे लगाये गये। 300 तुसली के पौधों का वितरण किया गया। पर्यावरण शुद्धि हेतु यज्ञ का आयोजन किया गया। दन्त परीक्षण कैम्प के अन्तर्गत 150 मरीजों की जांच डॉ. अशोक कुमार गुप्ता द्वार की गई। स्थानीय सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सैकेण्डरी स्कूल में गुरु वन्दन छात्र अभिनन्दन के अन्तर्गत नौ अध्यापक/अध्यापिकाओं एवं मेधावी छात्रों का सम्मान किया गया। स्थानीय सरोजनी आई केयर सेन्टर पर डॉ. मनोज गुप्ता द्वारा 178 नेत्र रोगियों की जांच की गई। स्थानीय श्री बैंकटेश्वर बाला जी नव दुर्गा मंदिर में भजन संध्या कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शाखा द्वारा स्थानीय एमिटी पब्लिक स्कूल में बाल संस्कार शिविर का आयोजन किया गया जिसमें प्रान्तीय उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि परिवार संस्कारों की प्रथम पाठशाला होती है और उसके बाद बालक विद्यालय से अच्छे संस्कार ग्रहण करते हैं।

मयूरी अलीगढ़ : शाखा द्वारा इस प्रकल्प का शुभारम्भ देवी के मंदिर अचल ताल पर हवन के साथ किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. दिव्या लहरी द्वारा स्थानीय आदर्श विद्यालय में 45 बच्चों को जूते बांटे गये। शाखा के आतिथ्य में अलीगढ़ व विवेकानन्द के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता का आयोजन स्थानीय विजडम पब्लिक स्कूल में किया गया जिसमें नौ स्कूलों की टीमों ने भाग लिया। कार्यक्रम में पूर्व महापौर सावित्री वार्ष्णेय उपस्थित थीं। स्थानीय प्रकाश लॉज के सामने राहगीरों में तुलसी के पौधों का वितरण किया गया। स्थानीय आदर्श बाल मंदिर में शिक्षक दिवस का आयोजन किया गया। शिक्षकों को माला पहनाकर व शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। आदर्श विद्यालय में चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमें 60 बच्चों ने भाग लिया। स्थानीय निहार पब्लिक स्कूल में दन्त परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया जिसमें 100 बच्चों के दांतों का परीक्षण किया गया। कुकिंग विदआउट फायर और लोकगीत प्रतियोगिता का अयोजन किया गया जिसमें 20 सदस्याओं ने भाग लिया। शाखा ने ‘बेटियों की सुरक्षा में बेटों का योगदान’ विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया जिसमें कक्षा 9वीं से 12वीं के 50 विद्यार्थियों ने सहभागिता की।

गायत्री बरवाला, हरियाणा पश्चिम : शाखा द्वारा इस प्रकल्प के अन्तर्गत भगत सिंह चौक पर हड्डियों में कैलशियम की जांच शिविर लगाया गया जिसके मुख्य अतिथि डॉ. राजेन्द्र सूरा, जिला परिषद् चेयरमैन तथा अध्यक्षता विनोद धवन ने की। शिविर में 200 पुरुष व औरतों की जांच की गई। भारत माता विद्या मंदिर स्कूल में गुरु वन्दन छात्र अभिनन्दन का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि श्री पुनीत जावा एवं अध्यक्ष अनिल रापड़ीय रहे। इस कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के 40 छात्रों एवं 25 अध्यापकों को उनकी विशेष उपलब्धि के लिये सम्मानित किया गया। राजकीय माध्यमिक विद्यालय में निःशुल्क दन्त चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया जिसमें 203 बच्चों की दांतों की जांच की गई। सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित नियम एवं निशान वाले 1000 ईश्तिहार नगर में बांटे गये। शहीदी दिवस कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया जिसमें भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव की प्रतिमाओं पर माल्यार्पन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। भजन संध्या गऊशाला में किया की गई जिसमें 150 महिला व पुरुषों ने भाग लिया। पुरानी अनाज मंडी में 50 तुलसी के पौधों का वितरण किया गया।

हांसी : शाखा द्वारा सितम्बर माह में इस प्रकल्प के अन्तर्गत स्थानीय गीता पब्लिक स्कूल में ‘हिन्दी दिवस’ समारोह, काली देवी मंदिर में तुलसी पौधों का वितरण, मोची मोहल्ला के राजकीय प्राइमरी स्कूल में फल का वितरण, तोशाम स्थित गौशाला में सवामनी लगाई गई, राजकुमार मनचन्दा के निवास पर सत्संग, गाँधी जयन्ती पर माडल टाऊन में पौधारोपण आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमें शाखा पदाधिकारी एवं सदस्यगणों का भरपूर सहयोग रहा।

विवेक अम्बाला, हरियाणा उत्तर : शाखा द्वारा सितम्बर माह में कार्ड बनाओं प्रतियोगिता, मन्दबुद्धि संस्थान में स्टेशनरी व खाद्य समाग्री का वितरण, विद्यालयों में कन्याओं पर एक अभिभाषण, मूक बधिर विद्यालय में विद्यार्थियों को अपने हाथ से बनाया भोजन परोसा गया, अन्ध विद्यालय में भोजन व खाद्य सामग्री का वितरण, विद्यालयों में रंगोली, पूजा थाली, पेंटिंग, परिषद् द्वारा संचालित अस्पताल परिसर में सुन्दर काण्ड पाठ आदि कार्यक्रमों का आयाजन किया गया। सभी कार्यक्रमों के आयोजन में महिलाओं की सहभागिता प्रमुख व सराहनीय रही।

(Niti: Dec., 2014)

 
 

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