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Integrated Village Development 
Project News

The Project   

 

Village-wise Progress   

 
 
Proposals for Additional Villages (October, 2014)
Proposals for taking up work in following additional villages is under consideration:
1) Kishangarh, Distt- Hisar (Haryana)
2) Dhanouli, Distt- Darbhanga (Bihar)
3) Mandro, Distt- Ranchi (Jharkhand)
4) Shankargali, Distt- Devgarh (Jharkhand)
5) Ghunsi, Distt- Shajapur (M.P.)
6) Nipaniya, Distt- Ujjain (M.P.)
7) Mardanpur, Distt- Kanpur (U.P.)
8) Megh Ratbara, Distt- Muzaffarpur (Bihar)

Tour programme of Dr. Shiv Jindal & Smt. Sarita Jindal: 2012
Press Reports on  Dr. Shiv Jindal's Tour

ग्रामीणों के सहयोग से करेंगे गांव का कायाकल्प: डा.शिव
जागरण;
 07 Dec 2012
मोतिहारी : कनाडा के जिंदल फाउंडेशन व भारत विकास परिषद के समग्र विकास ग्राम योजना के चेयरमैन डा. शिव जिंदल ने कहा कि गांव का विकास ग्रामीणों के सहयोग के बगैर नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि भारत की करीब अस्सी प्रतिशत आबादी गांव में निवास करती है, लेकिन गांव विकास से पूरी तरह वंचित है। श्री जिंदल भारत विकास परिषद की शिवम शाखा द्वारा समग्र ग्राम विकास योजना के तहत चयनित बंजरिया प्रखंड के अमवा गांव में शुक्रवार को पहुंचे थे। उन्होंने गांव का भ्रमण कर समस्याओं को करीब से देखा। भ्रमण के क्रम में दैनिक जागरण से बातचीत में श्री जिंदल ने कहा कि अफसोस की बात यह कि आजादी के साठ वर्षो के बाद भी गांवों की स्थिति नहीं बदली। उनका कहना था कि सरकार तो गांव के विकास के लिए फंड पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराती है, लेकिन यह फंड बीच रास्ते में ही खत्म हो जाता है। आखिर यह फंड कहां चला जाता है। इससे पूर्व जिंदल दंपत्ति स्थानीय गांधी स्मारक पहुंचे और स्मारक पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी। तत्पश्चात वे संग्रहालय परिसर में गांधी से जुड़ी यादों को देखा। संग्रहालय के सचिव ब्रजकिशोर सिंह ने विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इसके बाद रेडक्रास परिसर पहुंच कर ब्लड बैंक का जायजा लिया। इस दौरान रेडक्रास के सभापति श्रीप्रकाश चौधरी, सचिव ई. विभूति नारायण सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे। इसके अलावा दंपत्ति ने बत्तक मियां मजार पहुंच कर चादरपोशी भी की। अमवा में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता शिवम शाखा के अध्यक्ष जगतनारायण प्रसाद व संचालन लालबाबू प्रसाद ने की। फांउडेशन की उप चेयरमैन सरिता जिंदल ने ग्रामीणों से विकास के लिए प्रति घर से प्रतिदिन एक रुपया जमा करने की बात कही। सभा को संबोधित करने वालों में मिथिलेश वर्मा, संगीता चित्रांश, डा. एसएन पटेल, मुखिया विनय कुमार, हरेन्द्र जी, चंद्रिका जी, विमल किशोर उत्पल व अन्य थे। कार्यक्रम के बीच योजना का शुभारंभ हो गया।

अभूतपूर्व स्वागत से अभिभूत हुये जिंदल दंपत्ति

बंजरिया, निप्र : जिंदल दंपत्ति के स्वागत में पूरा गांव उमड़ गया था। सड़क के दोनों तरफ बच्चियां इनके स्वागत में फूल लेकर खड़ी थी। गांव भ्रमण के दौरान सभी घरों के सामने रंगोली बनाकर इनका स्वागत किया गया। फूलों की बारिश को देख ये अभिभूत थे। जगह-जगह तोरण द्वार बनाए गए थे।

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गोद लिए गांव में कराए विकास कार्य
जागरण; 04 Dec 2012
जम्मू :
भारत विकास परिषद द्वारा गोद लिए गए विजयपुर ब्लॉक के दो गांवों में विकास कार्य करवाए गए। परिषद की केंद्रीय टीम ने दोनों गांवों गढ़वाल व रामपुर का दौरा किया। गांवों में हुए विकास कार्यो के लिए जिंदल फाउंडेशन (कनाडा) के चेयरमैन डॉ. शिव जिंदल व सरिता जिंदल ने आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई थी। मंगलवार को भारत विकास परिषद के पदाधिकारियों व जिंदल फाउंडेशन के चेयरमैन ने पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गढ़वाल गांवों में दो गलियों का निर्माण कार्य करवाया गया, जबकि वहां पर शौचालयों की मरम्मत, मिडिल स्कूल की चहारदीवारी, प्लास्टिक टैंक, सैप्टिक टैंक का निर्माण भी करवाया गया। रामपुर गांव में भी 28 निजी शौचालयों, सात गलियों, नालियों का निर्माण करवाया गया, जिन पर लाखों रुपये खर्च किए गए। वहीं, रामपुर प्राइमरी स्कूल के पास पुरुषों व स्त्रियों के लिए शौचालयों का निर्माण भी परिषद की ओर से करवाया गया। इस मौके पर परिषद के पदाधिकारियों ने तीन सालों में चलाए गए पौधरोपण अभियानों व मेडिकल कैंपों के आयोजन की जानकारी भी दी।

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गाँवों के वार्षिक निरीक्षण एवं प्रवास की रिपोर्ट (नवम्बर 2011)
डॉ॰ शिव जिन्दल फाउन्डेशन कनाडा के सहयोग से भारत विकास परिषद् द्वारा देश के विभिन्न प्रान्तों में परिषद् की समग्र ग्राम विकास योजना के अन्तर्गत अंगीकृत ग्रामों का डॉ॰ शिव जिन्दल एवं श्रीमती सरिता जिन्दल द्वारा निरीक्षण एवं प्रवास कार्यक्रम नवम्बर मास में सम्पन्न हुआ।

1 नवम्बर से 30 नवम्बर 2011 के दौरान जिन्दल दम्पति ने योजना के अन्तर्गत 7 गाँवों में चल रहे कार्यों को स्वयं देखा एवं इस वर्ष प्रस्तावित 10 गाँवों में पहुँचकर वहाँ की परिस्थितियों की विस्तृत जानकारी भी प्राप्त की। जिन गाँवों में विकास कार्य चल रहे है, उनकी सूची निम्नानुसार हैः
(1) इल्सोबा (पश्चिम बंगाल)     (2) बरनारीकला (असम)     (3) चम्पामुरा (त्रिपुरा)     (4) कांता बनिया (उड़ीसा)     (5) सिंगावल (राजस्थान)     (6) रामपुरगढ़वाल (जम्मू-कश्मीर)     (7) धार (पंजाब)

उपरोक्त गाँवों के प्रवास के दौरान जिन्दल दम्पत्ति द्वारा लाभार्थी ग्रामवासियों, सरपंच, स्कूल के शिक्षक, महिलाओं एवं बच्चों से भी विस्तृत चर्चा की गई। बरनारीकला एवं रामपुरगढ़वाल ग्रामों में किए गए कार्यों की सराहना करते हुए ग्रामवासियों से उसके व्यवस्थित उपयोग एवं देख-भाल की व्यवस्था के लिए प्रति परिवार रु 1/- प्रतिदिन एकत्र कर व्यवस्था कोष बनाने का आग्रह भी किया गया। इन सभी गाँवों में किए जा रहे विकास कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए, उन्होंने ग्रामवासियों से अपने गाँवों को हमेशा स्वच्छ रखने, विकास कार्यों की सुव्यवस्थित देख-भाल करने के लिए महिला समूह के नेतृत्व में कार्य करने का आह्नान किया। भारत विकास परिषद् की संबंधित शाखाओं के सदस्यों के साथ चर्चा के समय इन गाँवों में शासकीय योजनाओं के लाभ पहुँचाने, बच्चों के कुपोषण से मुक्ति हेतु प्रयास करने एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया। इसके साथ ही ग्रामीणों की आवश्यकतानुरूप विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने की सलाह भी दी गई।

इस वर्ष प्रस्तावित 10 निम्नांकित गाँवों का जिन्दल दम्पत्ति द्वारा निरीक्षण किया गयाः
(1) करमाटीकर गुलनी (जिला गया, बिहार) (2) सिकन्दरपुर खुर्द (जिला लखनऊ, उत्तर प्रदेश) (3) चंदाई रघुनाथपुरा (जिला रायबरेली, उ॰प्र॰) (4) माथना (जिला बारां, राजस्थान) (5) भीलूड़ी (जिला डूंगरपुर, राजस्थान) (6) भोजरस (जिला भीलवाड़ा, राजस्थान) (7) कनकी (जिला कोरबा, छत्तीसगढ़) (8) कडूमू (जिला श्री काकुलम, आन्ध्र प्रदेश) (9) खरोली (जिला नासिक, महाराष्ट्र) (10) कटगल (जिला धारवाड़, कर्नाटक)

उपरोक्त गाँवों के बारे में उनका कहना था कि सभी गाँवों में स्वच्छता का अभाव एवं ग्रामवासियों में स्वास्थ्य के प्रति अत्यधिक अज्ञानता है। बच्चे कुपोषण से ग्रस्त हैं एवं कुछ गाँवों में व्यसन एवं गंदगी की बहुलता के कारण प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी बीमारी से पीड़ित है। अतः सर्वप्रथम गा्रमीणों के विकास (Human Development) की ओर ध्यान दिया जाना चाहिये तथा इसके पश्चात् ग्राम विकास की योजना पर कार्य प्रारम्भ किया जाए। इसके लिये उन्होंने भारत विकास परिषद् के सदस्यों से ग्रामीणों को स्वच्छता बनाये रखने एवं उनके नियमित पालन की आवश्यकता के महत्व को समझाने के लिये, जनजागरण अभियान चलाने का आग्रह किया। ग्रामीणों से चर्चा के दौरान भी उन्होंने प्रत्येक गाँव में युवक/युवतियों की समिति बनाकर अपने गाँव को स्वच्छ बनाये रखने के लिये बिना किसी आर्थिक साधनों की आवश्यकता के आसान तरीकों की जानकारी दी। गाँव के सरपंच एवं अन्य शासकीय कर्मचारियों से भी उन्होंने इसी प्रकार के सहयोग का आग्रह किया। उनके विचारों से यदि गाँव के लोग, सम्पूर्ण गाँव को अपना समाज एवं अपना कत्र्तव्य समझकर, अपने-अपने घरों को, गाँव की गलियों तथा सार्वजनिक स्थानों को अपने साधनों से स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने का कार्य करते हैं तो ग्राम विकास का कार्य आसान हो जाएगा।

श्रीमती जिन्दल ने इस हेतु 1 वर्ष का समय निर्धारित कर कार्य करने का सुझाव दिया है। उन्होंने ग्रामवासियों से चर्चा के दौरान यह भी कहा कि इस तरह स्वयं के लिये स्वयं द्वारा किया गया कार्य आदत बन जाता है तो गाँव शीघ्र ही आत्मनिर्भर होकर विकसित होने लगता है। डॉ॰ शिव जिन्दल ने साधनों की व्यवस्था के लिये प्रति परिवार प्रति दिन रु 1/- की राशि एकत्र कर उसका व्यवस्था कोष बनाने का भी आग्रह किया। इस कार्य में ग्राम पंचायत का सहयोग लिया जा सकता है। शासकीय योजनाओं का लाभ ग्रामवासियों को मिलता रहे, इसके प्रयास भी किये जाने चाहिये।

रामपुर गढ़वाल (जम्मू-कश्मीर): जिन्दल दम्पति ने इस गाँव के अपने प्रवास के दौरान Agro Counseling Centre, Water Point का उद्घाटन किया एवं भारत विकास परिषद् के प्रान्तीय, शाखा तथा ग्रामीण शाखा के सदस्यों के साथ विचार विमर्श किया और उन्हें कुछ सुझाव भी दिए। करमाटीकर गुलानी (बिहार) में आयोजित ग्रामीण बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय मंत्री नारायण प्रसाद पुष्करणा ने की। इस अवसर पर श्रीमती जिन्दल ने रेहुआ ग्राम में महिला विकास संस्थान की दूसरी शाखा का उद्घाटन किया और वायरलेस ग्राम में पहली शाखा का निरीक्षण किया। यहाँ सुश्री सुमन सिंह ने उनका अभिनन्दन किया। भीलूड़ी (राजस्थान) में आयोजित सभा की अध्यक्षता प्रान्तीय संरक्षक डॉ॰ महेन्द्र सिंह त्यागी ने की। श्रीमती जिन्दल ने ग्राम विकास के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए। सिकन्दरपुर खुर्द (उत्तर प्रदेश) की सभा की अध्यक्षता श्री आर॰के॰ मिश्रा ने की।

डॉ॰ शिव जिन्दल ने कडूमू एवं खरोली ग्रामों में कार्यरत समाज सेवकों के प्रयासों की प्रशंसा की जिनके प्रयासों से गाँव में बच्चों में शिक्षा एवं स्वच्छता के प्रति आकर्षण बढ़ने लगा एवं गाँव व्यसन मुक्त हो गया। कुमठा कटगल गाँव में भारत विकास परिषद् की स्थानीय शाखा एवं विधायक निधि से सम्पन्न किये गये विकास कार्यों (पेयजल की व्यवस्था) की भी काफी सराहना की गईं। इसी संदर्भ में उन्होंने विकास कार्यों में एकरूपता बनाए रखने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की सेवाएँ लेते हुए गाँव विशेष की आवश्यकता के अनुसार योजना बनाने का भी आग्रह किया।

ग्रामवासियों एवं भारत विकास परिषद् के सदस्यों ने डॉ॰ शिव जिन्दल एवं श्रीमती सरिता जिन्दल के विचारों को ध्यान से सुना एवं इनके आग्रह अनुसार कार्य करने का आश्वासन भी दिया। इसके साथ ही सदस्यों ने यह सुझाव भी दिया कि संबंधित गाँवों में स्वच्छता के लिये जनजागरण एवं ग्रामीण समिति बनाकर प्रस्तावित विकास कार्य साथ-साथ चलना चाहिये, तभी ग्रामवासियों में अपने गाँव के लिये स्वयं अपने ही साधनों एवं क्षमता अनुसार प्रयास करने का भाव जाग्रत होगा और वे प्रोत्साहित भी होंगे। शाखा सदस्यों को भी संबंधित गाँव में कार्य करना अपेक्षाकृत आसान होगा एवं उनके गाँव के चयन संबंधी निर्णय की शंकाएँ भी समाप्त हो जाएँगी।

30 नवम्बर को आयोजित अन्तिम बैठक में डॉ॰ शिव जिन्दल ने चर्चा के दौरान कहा कि गाँव में विकास कार्य एक व्यवस्थित पद्धति से एवं उनके द्वारा पूर्व में दिये गये सुझावों के अनुरूप कार्य करने से अपेक्षित सफलता प्राप्त हो सकती है। बाद में यही गाँव दूसरों के लिये भी प्रेरणादायक बन जाएँगे। 


Progress of Integrated Village Development Programme (June, 2011)
Under the integrated village development programme being implemented with financial assistance of Jindal Foundation, Canada, so far work has so far been taken up in17 villages. Of these, work in the following ten villages has been completed:
1. Khajjiar (H.P.)
2. Dunera (Punjab)
3. Sunder Nagar (U.P.)
4. Eklaspur (A.P.)
5. Mohabbatpur (Haryana)
6. Lohat Baddi (Punjab East)
7. Kaliwas (Rajasthan South)
8. Kumbarakoppalu (Karnataka South)
9. Dunge (Maharashtra Coastal) - scope revised
10. Bangar (MP)  -  scope revised

Work in the following villages is at various stages of implementation:

S.No.  Name of the village

Expenditure
 upto June'11
(Rs. lakhs)

1  Ilsoba (West Bengal) 14.22
2 Barnarikola-Abhyapuri (Assam) 11.03
3 Rampur-Gadwal (J&K) 19.28
4 Chanpamura (Tripura) 1.99
5 Kantabania (Orissa) 2.66
6 Singawal (Rajasthan) 0.50
7 Dhar (Punjab) 1.33


Progress of Work: 2009-10

FIRST TEN VILLAGES:
Of the first ten villages take up, following items of work were completed during the year 2009-10:

Lohat Baddi
: This village in Tehsil Raikot is about 55 kms from Ludhiana. Here the development work was started in September 2008 and completed in November 2009. While finalizing the works to be undertaken the first and foremost priority was fixed on the ecology and environmental aspects. Today the pollution of the environment has assumed such gigantic proportions that every thing you buy is dusty, dirty and polluted. There is no fresh air to breathe in. Therefore special attention was given to this important aspect and 1000 trees were planted. Besides that, following work was carried out:

1. Repairs of roads and drainage system.
2
. Uniforms and school bags provided to 500 school children.
3. Provision of drinking water by installing 3 tanks.
4. Repairs and renovation of rooms of Govt. Primary school.
5. Neat and clean beddings provided to 58 aged persons.
6
. Plantation of 1000 trees of different varieties.
7
. White wash of all buildings of the village in yellow colours.
8
. With the inspiration that the villagers received through the execution of the above programs the villagers constructed a new and modern funeral ground which is fitted with the latest facilities.

It is worth mentioning that the officials of the Punjab Govt. visited this village and appreciated the work undertaken by the Jindal Foundation.

Kumbarkoppallu, (Karnataka ) : 40 toilets for individual families constructed.

Kaliwas (Rajasthan) : 32 Wells further deepened.

With the completion of above items of work, the envisaged village development targets in all the ten villages have been achieved.

ADDITIONAL THREE VILLAGES: During the year, the progress of work in the additional four villages has been as
under:

Rampur Gadwal : This village is situated on the border of India & Pakistan. It is about 30kms from Jammu. The development work was started in the year 2009 and is in full swing. Some work has been completed which is listed below :

1. Construction of toilets. 2. Repair and renovation of roads, drainage system. 3. Uniforms, sweaters, blankets and shawls were distributed to aged person. 4. 18 Toilets completed. 5.Two lanes under construction in Gadwal. 6. Repair and construction of school wall and retaining wall. 7. Construction of toilet in Middle school. 8. Installation of water pump by digging 90 feet of earth. 9. White washing of all the buildings of the village. 10. 1000 trees of different varieties planted.

Bangar (M.P) :  Mukti Dham and Garden were developed

Barnari Kala (Abhya Puri) Assam: One drinking water tank was constructed


हर गाँव आदर्श गाँव बनाना है
- डा. शिव जिन्दल, जिन्दल फाऊन्डेशन कनाडा
भारत विकास परिषद् एवं जिन्दल फाउन्डेशन कनाडा के संयुक्त तत्वावधान में श्री रवीन्द्र पाल शर्मा, अध्यक्ष भारत विकास परिषद् की अध्यक्षता में 2 दिसम्बर, 2009 को समग्र ग्राम विकास योजना के अन्तर्गत अपनाए गए गाँवों के सम्बन्ध में भारत विकास भवन, पीतमपुरा दिल्ली में एक बैठक आयोजित की गयी।

प्रत्येक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी जिन्दल फाउन्डेशन कनाडा के डा. शिव जिन्दल एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सरिता जिन्दल ने 45 दिनों तक भारत विकास परिषद् के राष्ट्रीय मंत्री अशोक जाधव के साथ तथा अन्य कार्यकर्ताओं सहित 11 गांवों के विकास कार्यों का निरीक्षण किया तथा ग्रामीणों से विकास कार्यों और उसकी व्यवस्था कैसे करें, इस बात को ग्रामीणों को समझाया। कुछ नए गांवों को गोद लेने की अनुशंसा भी की गयी।

डा. शिव जिन्दल ने अपने उद्बोधन में सभी गांवों के विकास कार्यों पर सन्तोष व्यक्त किया। विशेष रूप से पंजाब एवं हरियाणा के गांवों की चर्चा करते हुए उन्हें `आदर्श गांव´ के रूप में विकसित देख कर दूसरों के लिए प्ररेणा स्रोत बताया। मध्य प्रदेश एवं आन्ध्र प्रदेश के इकलासपुर के कार्यों की धीमीगति पर चिन्ता व्यक्त की। वहीं इस धीमीगति को खत्म करने के लिए सुझाव दिया कि विकास कार्यों की देख-भाल एवं व्यवस्था के लिए प्रभावी समिति का गठन किया जाए जिसमें ग्राम सरपंच से लेकर पुरुष, महिलाएं एवं युवा वर्ग को सम्मिलित किया जाए।

श्री रविन्द्रपाल शर्मा ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि समग्र ग्राम योजना के तहत चयनित किए गए गांवों में काम अच्छी तरह चल रहा है। अभी तक 14 गांवों में पूर्ण विकास हो चुका है। अगले वर्ष के लिए 8 गांवों को चुन लिया गया है। इस प्रकल्प का विस्तार काफी हो चुका है। इस के लिए एक कोर कमेटी का गठन श्री आर.पी. गुप्ता जी के नेतृत्व में किया जाएगा।

भारत विकास परिषद् कर्नाटक के प्रान्तीय अध्यक्ष सी.एन.एन. राजू ने ग्रामों में कार्य करने वालों को प्रशिक्षित करने पर बल दिया। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एस.के. वर्मा ने इस कार्य की मानिटरिंग हेतु कोर ग्रुप बनाने की सलाह दी। राष्ट्रीय महामन्त्री वीरेन्द्र सभरवाल, राष्ट्रीय वित्तमंत्री हरीश जिन्दल, राष्ट्रीय मंत्री प्रकाशन आत्म देव, आर.पी. गुप्ता तथा अन्य गणमान्य लोगों ने भाग लिया। राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष ईश्वर दत्त ओझा ने सभी आगन्तुकों का धन्यवाद ज्ञापन किया।


Whirlwind Tour of Dr. & Mrs. Shiv Jindal

It is now 7th year that the dream of Samgra Gram Vikas Yojana, as envisaged by Jindal Foundation, has taken a concrete shape. Ever since Dr. Shiv Jindal & Smt. Sarita Jindal of Jindal Foundation, Canada signed a MOU with Bharat Vikas Parishad 14, villages in various States of India are being developed as ‘Model Villages’ keeping in view the problems of health, sanitation, education, road, electricity and outer presentation of the villages.

Every year during the month of November, Dr. & Mrs. Shiv Jindal visit these villages personally, along with office bearers of Bharat Vikas Parishad to acquaint them selves with the progress of work in each village. As per the MOU the funds are provided by the Jindal Foundation, Canada and the implementation and execution of the developmental works is monitored by Bharat Vikas Parishad.

 During their recent visit to India from 3rd November 2008 to 7th December 2008, Dr. & Mrs. Jindal, along with BVP office bearers,  visited all the villages which have been  adopted by Jindal Foundation for all round development.    

With a view to take stock of the progress of developmental works in the above villages, a meeting was convened with Dr. & Mrs. Shiv Jindal on 7th December 2008 at BVP Bhawan Central Office, Delhi, where representatives of all the above-mentioned villages were also invited. The meeting was addressed by Dr. Shiv Jindal and Shri R.P. Sharma, National President of the Parishad. Dr. Jindal mentioned that he is fully satisfied with the work being executed by Bharat Vikas Parishad under Samgra Gram Vikas Project.  He also mentioned that from the next year Jindal Foundation will adopt 3-4 new villages every year for development.  Shri R. P. Sharma thanked  Dr. & Mrs. Shiv Jindal for their financial support and guidance. Shri Sharma also thanked all the representatives for their cooperation and dedication.

(NITI: Feb., 2009)


Additional Four Villages Selected for Integrated Village Development
In continuation of their philanthropic work in India, Jindal Foundation, Canada has agreed to assist in integrated development of additional four villages in various states of India. The MOU to this effect was signed between Jindal Foundation and Bharat Vikas Parishad on 11th December, 2008. Following new villages are being taken up for all round development:

          (1) Village Konothukunnu  - Thirchur ( Kerala)
          (2) Village Rampur Gadwal (J&K)
          (3) Village Bornarkola- Abhyapuri (Assam)
          (4) Village Bangar Distt. Dewas (M.P.)


 

 

 

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