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समाचारों में भारत विकास परिषद्

 

सेवा कार्य मे बढ़-चढ़कर भाग लें
पत्रिका; Thu, Dec 30, 2010

बालोतरा। सेवा कार्य में धन खर्च करने से इसमें दुगुनी बढ़ोतरी होती है। सेवा कार्यो में हमेशा बढ़-चढ़कर भाग लें। महामंडलेश्वर निर्मलदास महाराज ने सोमवार को भारत विकास परिषद बालोतरा के तत्वावधान में राजकीय बालिका प्राथमिक विद्यालय मे आयोजित स्वेटर वितरण कार्यक्रम में यह बात कही।

कार्यक्रम में महामंडलेश्वर के सहयोग से 25 छात्र-छात्राओं को स्वेटर वितरित किए गए। नगरपालिका अध्यक्ष महेश बी चौहान ने कहा कि संस्था सेवा के साथ संस्कार विकास का कार्य कर रही है। संरक्षक भंवरलाल सालेचा ने स्वागत भाषण प्र्रस्तुत किया। संचालन प्रांतीय प्रकल्प प्रमुख रामस्वरूप गर्ग ने किया।

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पोलियो जांच शिविर में उमड़े रोगी
दैनिक नवज्योति; ; Monday, 27 December | 03:19:51 PM IST

टोंक। नारायण सेवा संस्थान उदयपुर व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत व राजस्थान सरकार के सौजंय से भारत विकास परिषद व वरिष्ठ नागरिक सेवा समिति टोंक के सहयोग से पोलियों जांच, चयन व उपकरण वितरण शिविर अग्रवाल धर्मशाला में रविवार को आयोजित हुआ, जिसमें 309 रोगियों का पंजीयन कर उनकी जांच की गई। नारायण सेवा संस्थान के निदेशक अनंत पुरोहित ने बताया कि शिविर में 56 निशुल्क आपरेशन के लिए चयनित किए गया, 40 को ट्राइसाइकिल, 14 व्हील चेयर, 70 वैशाखी, 25 श्रवण यंत्र, 50 वाकर निशुल्क वितरित किए। शिविर समारोह में मुख्यअतिथि समाजसेवी डा. मेजर अनवर शाह थे, अध्यक्षता सेठ निजामुद्दीन ने की, विशिष्ठ अतिथि सहायक निदेशक समाज कल्याण विभाग टोंक राकेश वर्मा, डा. हाडा., डा. जे.सी.गहलोत, डा. रामेश्वर, महेन्द्र सिरोठा एडवोकेट, महेश शर्मा, ओमप्रकाश गुप्ता रहे। शिविर में उदयपुर से आए डा.बी.एस.राणावत ने जांच की। शिविर प्रभारी एवं नारायण सेवा संस्थान के निदेशक अनंत पुरोहित ने बताया कि आपरेशन के लिए चयनित रोगियों का 10 जनवरी को उदयपुर में निशुल्क आपरेशन हांगे। जहां आवास, भोजन, दवाईयां आदि सभी सुविधाएं निशुल्क होगी।

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बेटियों के कत्ल से नहीं हो सकता मुल्क का विकास
अमर उजाला; Monday, December 27, 2010 1:15 AM
 
आगरा। एक नूर एक नूर से सब जग उपजा... लेकिन अपनी ही कोख से पैदा हुए बेटी-बेटी में एक नूर नहीं दिखता। विभाजन के दौरान 10 लाख लोगों को कत्ल कर दिया गया था लेकिन आज आजाद भारत में हजारों लाखों लड़कियां गर्भ में ही मार दी जाती हैं। क्या  बेटियों को मारकर ही देश का विकास हो सकता है। सात घर तो डायन भी छोड़ देती है लेकिन यहां मां अपने गर्भ में ही अपनी अजन्मी बेटी को काट देती है। कूड़ेदान में पड़ी उन अजन्मी आत्माओं के बारे में कोई नहीं सोचता। कन्या भ्रूण हत्या गरीब के घर नहीं, महलों में होती है।

रविवार को भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय अधिवेशन में मुख्य अतिथि पंजाब की स्वास्थ्य मंत्री प्रो. लक्ष्मीकांता चावला ने उपरोक्त विचार व्यक्त किये। सादगी की प्रतिमूर्ति लक्ष्मीकांता ने अपनी बेबाक शैली से समाज के ज्वलंत मुद्दों खासकर कन्या भू्रण हत्या पर गहरी चोट की। उन्होंने कहा कि आज भी पिता की गति बेटों से होती है, बेटी से नहीं। हमें बेटे चाहिये लेकिन बेटियों को कत्ल करने की कीमत पर नहीं।

अधिवेशन के अंतिम दिन के विशिष्ट अतिथि सांसद रामशंकर कठेरिया ने कहा कि दुनिया के समस्त देशों में वासना हो सकती है लेकिन हमारे देश में उपासना होती है। महिलाओं के नेतृत्व व संयोजन में आयोजित वैचारिक सत्र की अध्यक्षता आर.पी. शर्मा ने की। स्वागताध्यक्ष डॉ. अभिलाषा प्रकाश ने विषय प्रवर्तन किया। संयोजिका रेखा दीवान ने संचालन किया। इस अवसर पर वंदना अग्रवाल, डॉ. दिव्या लहरी, कीर्ति, अनीता आदि मौजूद थीं। समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आई.डी. ओझा ने भाविप के कार्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि अगले दो वर्षों में देश में परिषद की शाखाओं की संख्या बढ़ाकर दो हजार करनी है।

इस दौरान संस्था में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रांतों को सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय संगठन मंत्री हरीश जिंदल ने संगठनात्मक उपलब्धियों के लिये प्रांत व शाखाओं का सम्मान किया। धन्यवाद राष्ट्रीय वित्त मंत्री डॉ. के.एल. गुप्ता व न्यायद त्त शर्मा ने किया। अधिवेशन चेयरमैन डॉ. तरुण शर्मा व राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री केशवदत्त गुप्ता ने सभी का आभार व्यक्त किया। मीडिया प्रभारी अमित अग्रवाल, वीरेंद्र सिंघल, आदि मौजूद थे।

मैकाले ने की राष्ट्र की रीढ़ कमजोर ’ - नया साल गुलामी का प्रतीक

लक्ष्मीकांता चावला ने कहा कि 1837 में मैकाले ने लंदन की पार्लियामेंट में अपने लेक्चर में कहा कि मैंने भारत का कोना-कोना ढूंढ़ लिया है। यहां का हर व्यक्ति शिक्षित है। हम इस देश पर राज नहीं कर सकते। अगर उसे गुलाम बनाना है तो देश की रीढ़ की हड्डी जो उसकी सभ्यता और संस्कार है को तोड़ दो। उन्हें ऐसी शिक्षा दो कि उन्हें पश्चिम का सब कुछ अच्छा लगे लेकिन अंग्रेज हमारी हड्डी नहीं तोड़ पाए। अगर ऐसा होता तो भारत विकास परिषद न खड़ा होता।

उन्होंने कहा कि आज के स्वतंत्र भारत में इन्फ्रास्ट्रक्चर तो मजबूत हो गया लेकिन हम हिंदुस्तान का चरित्र नहीं बना सके। आज शायद ही कोई हिंदुस्तानी अंग्रेजी के अलावा और किसी मातृ भाषा में हस्ताक्षर करता हो। संयुक्त परिवार टूट रहे हैं। सबसे बड़ी जरूरत धारणाएं बदलने की है। देश की महिलाओं को इस दौर में सबसे बड़ी भूमिका निभानी है। अगर वे भ्रष्टाचार को खत्म करने की ठान लें तो खत्म हो जाएगा। राम बनाने के लिये सीता बनना होगा।

उन्होंने कहा कि ईस्ट इंडिया की सौगात यह नया साल गुलामी का प्रतीक है। हमारा नया साल सूर्य के उजाले में आता है, रात के अंधेरे में नहीं। हम सूर्य उदय वाले हैं और वह सूर्य अस्त वाले। क्यों हम विक्रमी संवत नकारकर गुलामी के साल को मनाते हैं? दर्द उसे होता है जो जिंदा हो। हमें जिंदा होना होगा।

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हिंदुस्तान की गुलामी का साल है नया वर्ष
अमर उजाला कॉम्पेक्ट; Monday, December 27, 2010 12:01 AM

आगरा। हिंदुस्तान आज भी विदेशी जंजीरों से जकड़ा हुआ है। हम भारत में आजाद रह जरूर रहे हैं लेकिन पाश्चात्य संस्कृति इस कदर हावी है कि उसे छोड़ना भारतीयों के बस की बात नहीं लगती। इन पर यदि शीघ्र मंथन नहीं किया गया तो देश को पतन के रास्ते पर जाने से रोका नहीं जा सकता। यह विचार भारत विकास परिषद के अधिवेशन के दूसरे दिन भाग लेने आई पंजाब सरकार की स्वास्थ्य मंत्री प्रो. लक्ष्मी कांता चावला ने प्रकट किए।

भारत विकास परिषद के दूसरे दिन वैचारिक सत्र में ‘आधुनिक परिवेश में भारतीय संस्कार’ विषय पर केबिनेट मंत्री ने नए वर्ष के नाम पर रात को शराब पीकर सड़कों पर हुड़दंग करने वालों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि १७५२ ई. से पहले कोई नहीं जानता था कि नया वर्ष क्या है। भारतीयों का नव वर्ष मकर संक्रांति, वैशाखी, ओणम, विक्रम संवत है। उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं एकजुट हो जाएं तो कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाई जा सकती हैं।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि एवं सांसद प्रो. रामशंकर कठेरिया ने कहा कि पश्चिमी देशों में वासना और भारत में उपासना होती है। वैचारिक सत्र की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष आरपी शर्मा ने की। स्वागताध्यक्ष अभिलाषा प्रकाश और संचालन रेखा दीवान ने किया। इस मौके पर मंचासीन अतिथियों में डा. दिव्या लहरी, कीर्ती शर्मा, अनीता भटनागर, प्रतिमा गुप्ता, नीरु गुप्ता, शशि गुप्ता थीं। अधिवेशन में कार्यकारी अध्यक्ष आईडी ओझा ने अधिवेशन की समीक्षा की। चेयरमैन डा. तरुण शर्मा ने सभी अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया। इस मौके पर अमित अग्रवाल, जेके जुनेजा, अजय रंगीला, उमेश बाबू अग्रवाल, आकांशा शर्मा, सर्वेश बाजपेई, संजय कपूर, राजीव विमल, मीडिया प्रभारी डा. अमित अग्रवाल आदि मौजूद थे।

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अधिवेशन के लिए भाविप वफद रवाना
अमर उजाला; Saturday, December 25, 2010 12:01 AM

कोटकपूरा (फरीदकोट)। भारत विकास परिषद कोटकपूरा के पदाधिकारियों और सदस्यों का एक वफद वीरवार रात राष्ट्रीय अधिवेशन में भाग लेने के लिए आगरा रवाना हो गया।

वफद की अगुवाई कर रहे जोनल सचिव जयपाल गर्ग और पंजाब दक्षिण के प्रांतीय प्रधान सुभाष गोयल ने बताया कि राष्ट्रीय अधिवेशन में सभी राज्यों से भाविप सदस्य भाग लेंगे। इसमें समाजसेवा के क्षेत्र के अनुभवों का आदान प्रदान किया जाएगा। शाखा प्रधान टीआर अरोड़ा और पीआरओ डा. देव राज ने बताया कि २५ और २६ दिसंबर को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन को लेकर कोटकपूरा के सदस्यों में खासा उत्साह है। पिछले वर्षों के मुकाबले पहली बार इस वर्ष ३० सदस्य राष्ट्रीय अधिवेशन में जा रहे हैं। इस वफद में वेद अरोड़ा, जगदीश कामरा, राकेश गोयल, हर्ष अरोड़ा, गुरचरण सिंह, रविंदर कपूर, राम कुमार गर्ग आदि भी शामिल हैं।

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समाज बदलेगा तो बदलेगी सरकार
जागरण; Dec 24, 08:51 pm

आगरा.  भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवींद्रपाल शर्मा ने कहा है कि समाज में बदलाव की जरूरत है। सामाजिक परिवर्तन से ही सरकारों की कार्यशैली में बदलाव लाया जा सकता है।

श्री शर्मा शुक्रवार को मदिया कटरा स्थित वैभव पैलेस में पत्रकारों से बात कर रहे थे। सूरसदन में 25-26 दिसंबर को हो रहे परिषद के राष्ट्रीय अधिवेशन में भाग लेने आए श्री शर्मा ने बताया कि समाज में मानवीयता का ह्रास हुआ है। लद्दाख में बादल फटने से 40 हजार लोग मर गए। जीवित लोगों की सहायता के लिए पूरे देश की केवल तीन संस्थाएं राधास्वामी व्यास, सेवा भारती और भारत विकास परिषद ही पहुंची। उन्होंने कहा कि व्यक्ति में सहृदयता की जरूरत है।

राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष ईश्वरदत्त ओझा, राष्ट्रीय महामंत्री सुरेंद्र कुमार बाधवा ने बताया कि अधिवेशन में देशभर से 1500 प्रतिनिधि भाग लेंगे। उद्घाटन भारत माता मंदिर, हरिद्वार के संस्थापक स्वामी सत्यमित्रानंद करेंगे। कृष्ण कृपाधाम वृंदावन के महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद महाराज मुख्य अतिथि, आईजी विजय कुमार व नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय विशिष्ट अतिथि होंगे।

पत्रकार वार्ता में विधायक जगन प्रसाद गर्ग, एसके बाधवा, केशवदत्त, डॉ. तरुण शर्मा, अनिल भटनागर, डॉ. कैलाश सारस्वत, डॉ.अमित अग्रवाल आदि मौजूद थे।

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भाविप का राष्ट्रीय अधिवेशन 25. 26 दिसंबर को
पीटीआई-भाषा संवाददाता 21:32 HRS IST

आगरा 24 दिसं.भाषा. भारत विकास परिषद का राष्ट्रीय अधिवेशन यहां सूरसदन के प्रेक्षागृह में 25. 26 दिसंबर को होगा । इसमें विभिन्न प्रांतों के प्रतिनिधि भाग लेंगे । उद्घाटन राष्ट्रीय अध्यक्ष आर पी शर्मा करेंगे ।

यहां आज राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शर्मा ने बताया कि परिषद ने कार्य की दृष्टि से समूचे देश को 17 क्षेत्रों व 57 प्रांतों में बांट रखा है । अब कोई भी प्रांत परिषद की शाखाओं से अछूता नहीं है । परिषद की सम्पूर्ण गतिविधियां पांच सूत्रों के आधार पर चलती हैं. सम्पर्क ् सहयोग ् संस्कार ् सेवा एवं समर्पण ।

उन्होंने बताया कि अधिवेशन के समापन पर 26 दिसंबर की सायं परिषद की वृंदावन शाखा द्वारा रासलीला का आयोजन किया गया है ।

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पिज्ज सजाया, रोटी भी बेली
दैनिक भास्कर; 20 Dec 2010 03:35,

गुना. भारत विकास परिषद ने रविवार को जाट मोहल्ला स्थित अग्रेसन भवन में महिलाओं के लिए कई प्रतियोगिताएं आयोजित की। 'भारत को जानो' क्विज प्रोग्राम के अंतर्गत यह स्पर्धाएं हुईं। इनमें पिज्जा बेस सजाओ 30 मिनट प्रतियोगिता में पांंच प्रतिभागियों ने भाग लिया। 'रोटी बेलना' दो मिनट स्पर्धा में दो दर्जन और एक मिनट प्रतियोगिता में ढाई दजर्न महिलाएं शामिल हुई।

परिषद की हेमलता अग्रवाल ने बताया कि जन सामान्य महिलाओं के लिए यह स्पर्धाएं वार्षिक विकास सप्ताह कार्यक्रम के अंतर्गत कराई गई है। श्रीमति अग्रवाल ने बताया कि बीते सप्ताह परिषद ने क्विज प्रोग्राम के तहत मॉर्डन चिल्ड्रन स्कूल में भी महिलाओं के लिए कई कार्यक्र्रम आयोजित किए गए थे। इस मौक पर रेणु अग्रवाल, बबीता तिवारी, निष्ठा गर्ग, संजीव गर्ग, प्रमोद चौधरी, प्रमोद भार्गव, चंद्रा जैन, भूपेंद्र कोचेटा, मधुबाला सक्सेना, सतीश चतुर्वेदी, प्रमोद अग्रवाल, बृजेश गोयल, महिमा तारे, सुमन जैन, राखी जैन, अनिल सर्राफ, राकेश पाटनी सहित अन्य उपस्थित थीं।

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देहदान से शोध व अनुसंधान को मिलेगा बढ़ावा-अमर अग्रवाल
इस्पात टाइम्स; 19-Dec, 2011

बिलासपुर। चिकित्सा विज्ञान में शोध, अनुसंधान व शिक्षिकीय कार्य के लिए बिलासपुर जिले के छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में 35 व्यक्तियों ने देहदान का फार्म भरकर अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है।

छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल ने आज उन व्यक्तियों का सम्मान किया, जिन्होंने मृत्यु पश्चात अपना संपूर्ण शरीर चिकित्सा विज्ञान में शोध हेतु दान किया है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देहदान जैसा पुण्य का कार्य केवल असाधारण मनुष्य ही कर सकता है। जिन लोगों ने एक साथ देहदान की घोषणा की है, उनको उन्होंने प्रणाम कर कहा कि, शरीर दान से चिकित्सीय शोध में और अधिक मदद मिलेगी। आने वाले समय में स्वास्थ्य की ऐसी बेहतर व्यवस्थाएं की जा सकेंगी जिसके लिए बाहर से भी लोग देश व राज्य में ईलाज के लिए आयेंगे। स्वास्थ्य मंत्री अग्रवाल ने कहा कि प्रत्येक वर्ग की अपनी धार्मिक आस्थाएं, व्यवस्थाएं होती है। इन आस्थाओं से उपर उठकर मृत्यु के बाद भी लोगों की सेवा में काम आना मानव परोपकार की दिशा में इससे बड़ा पुण्य का कार्य कोई दूसरा नहीं हो सकता । कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कलेक्टर सोनमणि बोरा ने कहा कि जीवन एक खूबसूरत यात्रा का नाम है। मृत्यु के बाद भी एक खूबसूरत जीवन होता है, और इसे हम और अधिक खूबसूरत देहदान जैसे पवित्र व नेक का कार्य करके किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि देहदान की परंपरा सदियों पुरानी है। मुनी दधीची ने सुख, शांति, व खुशहाली के लिए कठिन तप कर अपना शरीर तक दान दे दिया था। आने वाले समय में मेडिकल साईंस में शरीर के दान से अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। जिससे हजारों लोगों के जीवन में नया उजियारा लाया जा सकेगा।

सम्मानित व्यक्ति -

जिन लोगों ने देहदान का फार्म भरकर सिम्स में जमा किया वे प्रमुख नाम है- ममता गंगवानी, पूनमहरचंदानी, उमेश कुमार रस्तोगी, मोहनलाल अग्रवाल, अनिल गुप्ता, अजय कुमार साहू, डॉ. गिरीश मायाराम, खेमचंद पुरी, लक्ष्मण चंदानी, पूरनलाल गंगवानी, चन्द्रशेखर शर्मा, डी.पी. सरकार, देवेन्द्र नारायण द्विवेदी, शांति द्विवेदी, अनिता दुआ, तोपसिंह तोमर, प्रमोद कुमार, अंशुल गुप्ता, सुकुमार राय, गिरीश कश्यप, श्रीमती जयंती देवी, शंकरलाल गंधर्व, डॉ. मनोहरलाल टेकचंदानी, मोहन आदि प्रमुख है। कार्यक्रम के अवसर पर छत्तीसगढ़ लघु उद्योग संघ के अध्यक्ष हरीश केडिया, सिम्स के डीन मोहंती, नगर निगम सभापति अशोक विधानी, महेश चंद्रिकापुरे, भारत विकास परिषद के प्रांती अध्यक्ष अरविन्द गर्ग सहित चिकित्सकगण, छात्र-छात्राएं देहदान करने वाले परिवार व अन्य अधिकारीगण, जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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शिविर लगाने का निर्णय
पत्रिका; Fri, Dec 17, 2010

राजसमंद .
भारत विकास परिषद की बुधवार रात हुई बैठक में अनेक निर्णय किए गए। सचिव कुशलेन्द्र दाधीच ने बताया कि बैठक में सौ जरूरतमंद विद्यार्थियों को ऊनी स्वेटर वितरित करने, जनवरी 2011 में नेत्र चिकित्सा शिविर लगाने का निर्णय किया गया। परिषद की ओर से संचालित कन्यादान योजना की समीक्षा भी की गई। बैठक में प्रांतीय अध्यक्ष कमल किशोर व्यास, शाखाध्यक्ष प्रमोद सोनी, ओमप्रकाश मंत्री, रतन लाला मंत्री, डॉ. गिरिराज राठी, दीपक कांकरिया, सोनिया बंग आदि मौजूद थे।

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हास्य कवि सम्मेलन में लोटपोट हुए श्रोता
रांची एक्सप्रेस; Jharkhand » 14 December 2010

साहित्य साधना संचार मंच एवं भारत विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय बोकारो क्लब में हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसका उद्धाटन डीवीसी के पूर्व उपमहाप्रबंधक एम बैठा, कमलेश कुमार, ए पी सिंह, डा.आर के द्विवेदी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। सम्मेलन में रामगढ़, बोकारो, गिरिडीह, हजारीबाग आदि जगहों से पहुंचे लगभग दो दर्जन हास्य व्यंग्य के कवियों ने अपनी रचनाओं से उपस्थित श्रोताओं को लोटपोट कर दिया। अशोक मिश्रा की कविता ‘मुर्दा है वह देश जहां साहित्य नहीं है’, बेबस बनारसी की ‘चली जा रही है ये फैशन की नारी’, संजय गुरु की ‘महफिल हो गैर की…’, अविनाश की ‘काश मैं कोई मूरत बना पाता’ और ‘छम्मा-छम्मा…’ ने लोगों को खूब गुदगुदाया।

इस मौके पर बोकारो थर्मल की रंजना नैय्यर, एम बैठा, डा.रंजना श्रीवास्तव, प्रभाष राठौर, लक्ष्मी नारायण, पी एन राय, सिध्देश्वर सिंह, बलराम सिंह, उज्जवल गुप्ता, शंभु शर्मा आदि की प्रस्तुतियों को भी भरपूर तालियां मिलीं।

संचालन अनिल मिश्रा, अशोक मिश्रा, डा.रंजना श्रीवास्तव एवं प्रभाष राठौर ने किया। इस अवसर पर आनंद प्रकाश मेहता, श्याम बिहारी सिंह, आर एस पांडेय, राजीव कुमार अमृत लाल, प्रो. आर के शर्मा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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स्वयंसेवी संगठन भी आए साथ
राजस्थान पत्रिका; Monday, 13 Dec 2010 10:22:21 hrs IST

हिण्डौन सिटी। चार किलोमीटर परिक्षेत्र में फैले शहर में एकमात्र मोक्षधाम की ज्वलंत समस्या के समाधान के प्रयास में स्वयं सेवी संगठन भी आगे आने आ रहे हैं। इसे लेकर हिण्डौन विकास परिष्ाद सदस्यों ने उपजिला प्रशासन से श्मशान के लिए आवंटित की गई भूमि का उपयोग शुरू कराने की मांग की।

परिषद अध्यक्ष मुरारीलाल चतुर्वेदी व महामंत्री धीरेंद्र चौधरी ने कहा कि प्रशासन के अतिक्रमण हटा भूमि की चार दीवारी कराने के बाद परिषद की ओर से शहरवासियों के सहयोग से श्मशान को सुविधायुक्त बनाने में सहयोग किया जाएगा। इधर भारत विकास परिषद सहित अन्य संगठनों के लोगों ने भी मोक्षधाम विकास में सहयोग की बात कही है।


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