प्रकृति से जुड़िए अभियान में साइकिल बैंक की स्थापना करेगा भारत विकास परिषद

प्रकृति से जुड़िए अभियान में साइकिल बैंक की स्थापना करेगा भारत विकास परिषद

चित्तौड़गढ़: भाविप प्रकृति से जुड़िए अभियान को गति देने साइकिल बैंक की स्थापना करेगी। परिषद की स्थानीय इकाई द्वारा संचालित सेवा एवं संस्कार प्रकल्पों के दायित्व निर्वहन के लिए वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 के लिए चुनाव पर्यवेक्षक अनिल पोरवाल की निगरानी में संपन्न हुई। निर्वाचन प्रक्रिया के बाद आगामी 2 वर्ष के लिए अध्यक्ष पद पर दिनेश खत्री, सचिव व कोषाध्यक्ष पद पर क्रमशः भगवतीलाल समदानी व मनोहरलाल मूंदड़ा का निर्वाचन किया गया है।

भाविप के सचिव नवीन वर्डिया ने बताया कि एक वाटिका में राजस्थान दक्षिण प्रांत द्वारा नियुक्त चुनाव पर्यवेक्षक अनिल पोरवाल की देखरेख में संपन्न निर्वाचन प्रक्रिया तथा प्राप्त नामों पर सदस्यों की रायशुमारी के बाद प्रांत के पूर्व संरक्षक ऋषभ सुराणा के नेतृत्व में गठित तीन सदस्यीय समिति जिसमें भाविप के संरक्षक डाॅ. महेश सनाढ्य तथा पूर्व अध्यक्ष कैलाश न्याती द्वारा अध्यक्ष पद पर खत्री तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष पद पर समदानी व मूंदड़ा के नामों की घोषणा की गई। वर्डिया ने बताया कि प्रारंभ में भाविप अध्यक्ष अतुल सिसोदिया, संस्थापक अध्यक्ष डाॅ. एम.बी. बक्षी, पूर्व अध्यक्ष डाॅ. महेश सनाढ्य, सीए डाॅ. आई.एम. सेठिया, डाॅ. चेतन खमेसरा, ऋषभ सुराणा, राष्ट्रीय कवि अब्दुल जब्बार, शिवप्रकाश पुंगलिया, कैलाश न्याती, बालकिशन धूत व अनिल इनाणी ने भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण कर द्वीप प्रज्ज्वलन किया। अतुल सिसोदिया ने बताया कि ‘‘प्रकृति से जुड़िए अभियान’’ के तहत ऊर्जा-बचाओ, ऊर्जा पाओ के संदेश के साथ अब तक 19 साइकिल रैली शहर एवं उपनगर में विभिन्न क्षेत्रों में निकाली जा चुकी है।

अभियान को गति देने के लिए ‘‘साइकिल बैंक’’ की स्थापना किए जाने का लक्ष्य है जिसे 5 जून 2019 पर्यावरण दिवस पर अभियान के दो वर्ष पूर्ण होने पर क्रियान्वयन में लाया जाएगा। अतुल ने बताया कि भाविप द्वारा समाज कल्याण विभाग के सौजन्य से एवं शिव सेना प्रमुख गोपाल वेद के सहयोग से अब तक 27 लावारिस शव की अंत्येष्टि की जा चुकी है तथा इस कार्य को बेहतर तरीके से अंजाम दिए जाने की कवायद में ‘‘डेड बाॅडी ड्रिप फ्रिजर’’ भी परिषद के रूपसिंह मेहता द्वारा उपलब्ध कराया गया है। अतुल के अनुसार कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविर परिषद का स्थायी प्रकल्प है। जिसके तहत अब तक 14 शिविरों में 1200 से अधिक दिव्यांगों को निशुल्क कृत्रिम हाथ-पैर लगाए जा चुके है।
वर्डिया के अनुसार इस अवसर पर परिषद के लगभग 120 महिला, पुरुष सदस्य उपस्थित थे। बैठक का संचालन डाॅ. चेतन खमेसरा ने किया तथा धन्यवाद डाॅ. महेश सनाढ्य ने ज्ञापित किया।

दैनिक भास्कर: 13 March, 2019

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